कैंट थाना क्षेत्र के मछली मंडी में सड़क हादसे के बाद विवाद में थाने लाकर कैप्टन की पिटाई के मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी समेत पांच-छह लोगों के खिलाफ डकैती की रिपोर्ट दर्ज हुई है। यह रिपोर्ट अदालत के आदेश पर लिखी गई है।
प्रकरण में थाने के दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया था। हालांकि थाना परिसर में हुई इस घटना में थाना प्रभारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। जम्मू में तैनात कैप्टन आशीष तिवारी निवासी निहालसिंहपुरा नियावां इसी वर्ष अगस्त माह में छुट्टी लेकर घर आये थे।
वह अपनी कार से दोस्तों के साथ कंपनी गार्डेन से लौट रहे थे कि मछली मंडी में एक कार से टक्कर लगने पर विवाद हो गया था। विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस कैप्टन आशीष तिवारी तथा उसके दोस्त को थाने ले आई थी और थाने में कैप्टन की पिटाई की थी।
मामले में पुलिस की ओर से कार्यवाही न किये जाने पर कैप्टन आशीष की ओर से आला अधिकारियों से गुहार की गई थी और अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
अदालत ने थाना प्रभारी राजीव सिंह के अलावा चार-पांच अन्य सिपाहियों के खिलाफ गालीगलौज कर मारने-पीटने और पर्स समेत आठ हजार रुपया लूट लेने और धमकी देने के आरोप में केस दर्ज करने का आदेश दिया था। हालांकि रिपोर्ट थाना प्रभारी राजीव सिंह के तबादला आदेश जारी होने के बाद पुलिस ने दर्ज किया।
इस बाबत बुधवार को एसएसपी के पीआरओ केपी ओझा ने बताया कि कैप्टन आशीष तिवारी की शिकायत पर कैंट पुलिस ने तत्कालीन थानाध्यक्ष राजीव सिंह तथा चार-पांच सिपाहियों के खिलाफ डकैती, गालीगलौज व धमकी का केस दर्ज किया है। प्रकरण की जांच व कार्यवाही का निर्देश दिया गया है।