सिपाही ने किशोरी को शादी का झांसा देकर रेप किया। गर्भवती होने पर गर्भपात करा दिया। शादी की जिद करने पर कमिश्नर आवास के सामने किशोरी को बाइक में बांधकर घसीटा। इतना सब होने के बाद भी पुलिस महकमे को शर्म नहीं आई। वह उसे अब तक बचाता रहा।
मामला कोर्ट पहुंचा तो सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना करने का आदेश थानाध्यक्ष इनायतनगर को दिया गया है। यह आदेश सीजेएम रवींद्र गुप्ता की कोर्ट से हुआ है।
इनायतनगर थानाक्षेत्र के एक गांव में रहने वाली किशोरी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दी गई अर्जी में कहा है कि चौकी शाहगंज में तैनात सिपाही नीतेश कुमार से वह गांव के ही एक व्यक्ति की शिकायत करने गई थी। उसी समय से जान पहचान हुई तो सिपाही ने उसे अपने जाल में फंसा लिया।
उससे शादी करने का झांसा देकर कई महीने तक उससे शारीरिक संबंध बनाया। इसी दरम्यान वह गर्भवती हुई तो उसका गर्भपात करवा दिया। जब उसने शादी के लिए कहा तो उसकी प्रताड़ना शुरू कर दिया। एक दिन वह कचहरी आई तो वहां भी सिपाही नीतेश ने उसकी पिटाई का प्रयास किया।
वकीलों के हस्तक्षेप करने पर ही कचहरी से बाहर निकली तो सिपाही ने उसे बाइक में बांधकर घसीटा। इसकी जानकारी होने पर कई अधिवक्ता, एसपी सिटी व शहर कोतवाल मौके पर पहुंचे तब जाकर उसकी जान बची।
इस सबके बावजूद पुलिस ने मामले में सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की। थकहार कर पीड़िता ने न्याय के लिए कोर्ट में अर्जी दायर की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले में रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना करने का आदेश दिया है।