-मायके वालों ने दहेज हत्या का लगाया आरोप
-पति समेत ससुराल वाले घर छोड़कर फरार
अमर उजाला ब्यूरो
तारुन। थाना क्षेत्र के घूरीटिकर मजरे चकाचांदपुर गांव में 22 वर्षीय एक विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद से मृतका के पति समेत अन्य ससुरालवाले घर छोड़कर फरार हो गए। घटना की सूचना पाकर पहुंचे मृतका के मायके वालों ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है।
शुक्रवार देर रात तारुन थाना क्षेत्र के घूरीटिकर मजरे चकाचांदपुर गांव में 22 वर्षीय विवाहिता प्रिया पुत्री शीतला प्रसाद निषाद का शव घर के कमरे में फंदे से लटकता मिला। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेजवाया है। वहीं घटना के बाद से मृतका का पति, सास-ससुर व देवर मौके से फरार बताए जा रहे हैं। दिल्ली में रह रहे मृतका के जेठ की सूचना पर पहुंचे मायके वालों ने ससुरालवालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया, मौके पर मौजूद पुलिस बल ने इनको समझा बुझाकर शांत किया। शनिवार सुबह मृतका के भाई शिवपूजन निषाद ने तारुन थाने पहुंचकर मृतका की सास प्रेमा देवी, ससुर गैस बहादुर निषाद, पति अवधेश निषाद तथा देवर विजय निषाद पर दहेज में 50 हजार नकदी व बाइक की मांग पूरी न करने पर प्रिया की हत्या करने का आरोप लगाकर शिकायती पत्र दिया। पुलिस ने केस दर्ज जांच शुरू कर दी है। गयासपुर चौकी प्रभारी सचीन्द्र यादव ने बताया कि तहसीलदार विनीत कुमार की मौजूदगी में शव का पंचनामा करा कर पीएम के लिए भेजा गया है, आरोपियों के विरुद्ध शिवपूजन द्वारा दी गयी शिकायत पर केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
खेत गिरवी रख किया था विवाह
महराजगंज थाना क्षेत्र के ऐमीआलापुर निवासी शीतला प्रसाद निषाद ने अपनी बेटी प्रिया की शादी 7 मार्च 2016 को तारुन थाना क्षेत्र के घूरीटिकर मजरे चकाचॉंदपुर निवासी गैस बहादुर के बेटे अवधेश निषाद के साथ किया था। गरीबी के कारण शीतला प्रसाद के बेटों ने अपना डेढ़ बीघा खेत 45 हजार रुपये में कर्ज लेकर गिरवी रख दिया था। गरीबी के चलते पैसे की अदायगी न कर पाने से आज भी खेत गिरवी पड़ा हैं। मृतका के भाई शिवपूजन निषाद, झुन्नी, तथा रज्जन ने आरोप लगाया कि उनके बहनोई अवधेश निषाद का अवैध संबंध गांव की एक दूसरी महिला से चल रहा था, जिसके कारण उनकी बहन को उसके ससुराल वाले काफी दिनों से प्रताड़ित कर रहे थे। दो दिन पूर्व अवधेश निषाद दिल्ली से घर आने की बात कहकर वहां से चला था। बताया जाता है कि वह दिन भर इधर-उधर रहता था और रात में चोरी छिपे घर आता था।