महंत जन्मेजय शरण के समर्थन में लामबंद हुए संत
अयोध्या। रसिकपीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण के विरुद्ध भाजपा नेता परमानंद मिश्र द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के प्रकरण में संत जन्मेजय शरण के समर्थन में लामबंद हो गए हैं। संतों ने मंगलवार को जानकीघाट बड़ास्थान में बैठक कर महंत जन्मेजय शरण पर दर्ज कराए गए फर्जी मुकदमे की निंदा करते हुए चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रशासन ने मुकदमा नहीं हटाया तो संत आंदोलन करेंगे।
साथ ही साथ इस प्रकरण को लेकर संत मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे। वहीं संतों ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा संतों को आगे कर समाज को धोखा दिया जा रहा है, जिसका नुकसान उसे उठाना पड़ जाएगा। बैठक की अध्यक्षता कर रहे बिंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य ने कहा कि अनुचित मुकदमा दर्ज कर सरकार को बदनाम करने का काम किया जा रहा है।
संतों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा एक सप्ताह के भीतर इस मामले का प्रशासन को निस्तारण करना होगा। दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी साधु समाज से अलग नहीं है। इसलिए संतों का अपमान उन्हें कतई बर्दाश्त नहीं होगा। संतों पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराना निंदनीय है। महंत परमहंस दास ने कहा कि संत-धर्माचार्यों का विरोध कर कोई भी आगे नहीं जा सकता है।
यह वर्तमान सरकार को समझ लेना चाहिए। संतों पर फर्जी कार्रवाई बंद होनी चाहिए। महंत अर्जुन दास ने कहा कि संतों पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराना अनुचित है। हम शीघ्र इसको लेकर डीएम व मुख्यमंत्री से मिलेंगे। महंत भवनाथ दास ने कहा कि संत समाज को एकजुट होना होगा। महंत धर्मदास के अधिवक्ता रिटायर्ड जस्टिस वीरेंद्र चौबे ने कहा कि रामजन्मभूमि न्यास विहिप का हथियार बना हुआ है।
महंत जन्मेजय शरण ने बताया कि महंत परमानंद मिश्र से उनका संपत्ति विवाद चल रहा है जो अदालत में करीब 15 वर्षों से लंबित है। कहा कि भाजपा नेता की शह पर मेरा शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर सुरक्षा भी हटा ली गई है, मुझे जान का खतरा है। विगत दिनों परमानंद मिश्र द्वारा मेरे ऊपर जानलेवा हमला करने का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है जो कि सरासर निराधार है, इसके सबूत भी मेरे पास हैं।
उदासीन आश्रम के महंत भरतदास ने कहा कि संतों पर इस तरह की कार्रवाई निंदनीय है, अब देर न करके संतों को एकत्रित होना होगा। लक्ष्मणकिलाधीश महंत मैथिलीरमण शरण ने कहा कि सरकार तक आवाज पहुंचाने के लिए एक समिति बनाए जाने की आवश्यकता है। नागा हरिदास ने भी कहा कि संतों की जमीनों, सम्पत्तियों एवं मठ मंदिरों पर अवैध कब्जे बढ़ते जा रहे हैं।
इसको लेकर सभी संतों को एक जुट होना होगा और एक संगठन बनाकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। बड़ाभक्तमाल के महंत अवधेश दास ने कहा कि साधु समाज को अपमानित किया जाएगा तो यह अशोभनीय है। इसके विरुद्ध संत समाज को एकजुट होना होगा रसिक पीठाधीश्वर जन्मेजय शरण ने बताया कि शीघ्र ही संतों की एक समिति बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बैठक में ज.गु.रघुनाथदेशिक, महंत रामशरण दास रामायणी, नागा रामलखन दास, महंत हरिदास, महंत तुलसीदास, महंत रामभूषण दास कृपालु महाराज, महंत माधव दास, महंत अवध किशोर शरण, महंत नरसिंहदास, महंत तुलसीदास, महंत राममिलन दास, महंत छविराम दास, डॉ.सुनीता शास्त्री सहित अन्य संत-महंत मौजूद रहे।