ठेकेदार हत्याकांड में भाजपा विधायक को क्लीन चिट
अयोध्या। थाना कैंट अंतर्गत कौशलपुरी कॉलोनी में हुई ठेकेदार व प्रधान पुत्र अजय प्रताप सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी भाजपा विधायक को क्लीन चिट दे दी। हत्या की एफआईआर को आत्महत्या करार देते हुए मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई।
एसपी सिटी ने अनिल सिंह सिसौदिया बुधवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ की जांच रिपोर्ट का खुलासा करते हुए कहा कि तमाम साक्ष्य व बयान के साथ तकनीकी जांच में स्पष्ट हुआ कि ठेकेदार ने अपनी प्रेमिका से फोन पर बात करते वक्त खुद को रिवॉल्वर से गोली मार ली थी।
आत्महत्या के कारणों व मौके पर मिली चोरी की रिवॉल्वर के बारे में पुलिस ने विवेचना जारी होना बताया है। थाना कैंट अंतर्गत कौशलपुरी कॉलोनी में 22 दिसंबर को ठेकेदार व प्रधान पुत्र अजय प्रताप सिंह उर्फ सोनू की मौत के मामले में उनके पिता की तहरीर पर भाजपा विधायक इंद्रप्रताप तिवारी खब्बू पर अपने गुर्गों से हत्या कराने का आरोप लगाते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
मामले में एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया ने बुधवार जांच रिपोर्ट कौ खुलासा करते हुए इसे आत्महत्या बताया। कहा कि घटना के बाद पुलिस व फील्ड यूनिट द्वारा घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए सभी साक्ष्य एकत्र किए थे।
मौके से मिली रिवॉल्वर पी-4165 के बारे में जानकारी करने पर पता चला कि यह रिवॉल्वर रामदास वर्मा निवासी बेलगरा थाना तारुन के नाम पंजीकृत है। इसके लिए बनाई टीम ने सिटी लाइफ माल से मृतक के आवास के बीच के सभी संभावित रास्तों की सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
इसके अलावा घटनास्थल के आसपास स्थानीय लोगों व कोचिंग सेंटर आदि में भी कई दौर गहन पूछताछ की गई। घटनास्थल के सभी साक्ष्य खूनालूद, रिवॉल्वर, पांच कारतूस, खोखा, शव से मिली बुलेट, मृतक का मोबाइल व मृतक के हाथों का स्वैब संग्रहित किया गया था।
उसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया। वहीं घटनास्थल की परिस्थितियों के साक्ष्यों का संकलन करने के लिए एफएसएल लखनऊ की विशेष टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था।
एसपी ने बताया कि घटना की विवेचना, मौके पर पूछताछ, मृतक की बेटियों, मां व पड़ोसियों से पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज आदि के निरीक्षण में पाया गया कि अजय प्रताप सिंह ने दोपहर 2:40 पर नाका स्थित सिटी लाइफ मॉल से बेटी व मां के साथ खरीदारी की।
उन्हें वहीं छोड़कर करीब 3 बजे कौशलपुरी फेज-2 स्थित अपने आवास पहुंचा। यहां करीब 3:46 बजे उसने अपने मोबाइल से एक नंबर पर वार्ता की। इस दौरान उसकी मां व बेटी मॉल से घर वापस पहुंची, तो उन्हें दरवाजा बंद मिला।
जिसे मृतक की बेटी ने स्वयं अपनी अंगुली से खोलना बताया। घर के अंदर पहुंचने पर पिता के सिर से खून निकलता देख उसने शोर मचाया। बताया कि घटना के समय किसी अज्ञात व्यक्ति के आने व घटना के बाद भागने की पुष्टि नहीं हुई।
इसके अलावा घटनास्थल पर किसी प्रकार के संघर्ष के लक्षण नहीं पाए गए तथा घर का दरवाजा भी अंदर से बंद था। मृतक के हाथों पर ब्लैक स्पॉट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इंजरी के आसपास ब्लैकनिंग, टाकटुइंग, बर्निंग होने से फायरिंग करीब होने की संदेहास्पद स्थिति को देखते हुए घटनास्थल की फोटोग्राफी, वीडियो क्लिप, पीएम रिपोर्ट को स्टेट मेडिकोलीगल सेल ऐशबाग लखनऊ भेजा गया।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला की परीक्षण रिपोर्ट से स्पष्ट है कि मृतक के दोनों हाथों पर पाए गए बारूद के अंश व रिवॉल्वर की नली में मिले बारूद एक पाए गए। इसके अलावा मृतक के सिर में लगी गोली भी रिवॉल्वर से चली पाई गई।
इसके अतिरिक्त स्टेट मेडिकोलीगल सेल के विशेषज्ञों की रिपोर्ट में भी फायर आर्म्स इंजरी आना पाया गया। ये सभी रिपोर्ट मृतक द्वारा स्वयं आत्महत्या करना प्रमाणित करता है।
मामले में पुलिस आत्महत्या के कारणों की तलाश करने में नाकाम रही है। इसके अलावा रिवॉल्वर चोरी कैसे हुई और वो ठेकेदार तक कैसे पहुंची। इसका जवाब भी पुलिस के पास नहीं हैं।
इस संदर्भ में एसपी सिटी का कहना है कि मृतक का मोबाइल वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए भेजा गया है। इसमें व्हाट्स एप पर हुई वीडियो कॉल की जांच हो रही है।
घटनास्थल पर मिली रिवॉल्वर कब और कैसे चोरी हुई और वह मृतक तक कैसे पहुंची, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। ठेकेदार की मौत के मामले में उसके पिता राजकुमार सिंह ने गोसाईगंज के भाजपा विधायक इंद्रप्रताप तिवारी खब्बू पर रंगदार मांगने व हत्या का आरोप लगाया था।
मामले में थाना कैंट में भाजपा विधायक व उनके गुर्गों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। मामले में आरोप लगाया था कि पुलिस उनके पुत्र की हत्या को कोई और रंग देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इसकी जांच सीबीआई से कराने की भी मांग की थी। उन्होंने मामले में सीजीएम की अदालत में केस मानीटिरिंग की अर्जी दाखिल की थी।
इस पर 10 जनवरी को सुनवाई होनी है। वहीं मृतक की साली महिमा ने भी कोर्ट में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ इस्तगासा दायर किया है। परिवाद में पूरे परिवार को प्रताड़ित कर झूठा बयान व सादे कागज पर साइन कराने का आरोप लगाया है, मामले की सुनवाई 31 जनवरी को होना तय है।
मृतक के पिता राजकुमार सिंह का आरोप है कि एसपी सिटी की ओर से विधायक को दी गई क्लीन चिट सत्तापक्ष के दबाव में है। साजिश के तहत जांच रिपोर्ट तैयार की गई है। पुलिस के खुलासे से सहमत नहीं है, जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। पुलिस कर्मियों को भी दंडित करने की मांग करेंगे।