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डॉक्टर से मांगी 25 लाख की रंगदारी, जिला पंचायत सदस्य के पति को सुलह करने की धमकी

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डॉक्टर से मांगी 25 लाख की रंगदारी
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अयोध्या। शहर के जाने-माने चिकित्सक डॉ. राजेंद्र कुमार बनौधा से अज्ञात बदमाश ने फोन पर 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी है। रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई।

वहीं, इसी नंबर से मसौधा के जिला पंचायत सदस्य रेखा चौधरी के पति रामचंदर को भी एक मुकदमे में सुलह करने की बात कहते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने दोनों मामलों में अज्ञात के खिलाफ केस दर्जकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया ने बताया दोनों को एक ही नंबर से कॉल आया है, फोन नंबर किसके नाम है व आरोपी कौन है, इसका पता लगाया जा रहा है।

डॉ. बनौधा ने बताया कि सोमवार शाम जब वह मरीजों को देख रहे थे। इस दौरान 7843882615 नंबर से पांच बार कॉल आई, लेकिन व्यस्तता के चलते वो कॉल रिसीव नहीं कर सके।

शाम करीब 6:33 पर फिर उसी नंबर से कॉल आई तो उन्होंने कॉल रिसीव की। फोन करने वाले ने अपना नाम आरजू बताते हुए उनसे 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और 10 दिन का समय देते हुए पैसा नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

वहीं जिला पंचायत सदस्य के पति रामचंदर ने भी उक्त नंबर से अपने फोन पर आई कॉल में अपने आपको झारखंड का माफिया अमन सिंह बताते हुए शूटर अभिनव सिंह के मुकदमे में सुलह करने की धमकी दी।

दोनों ने इसकी सूचना पुलिस को देते हुए सुरक्षा की मांग की है। सूचना पर अयोध्या कोतवाली प्रभारी जगदीश उपाध्याय व रानोपाली चौकी इंचार्ज निर्मल सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।

कोतवाली प्रभारी ने बताया कि धमकी देने वाले आरोपी के फोन को सर्विलांस पर लगाकर जांच की जा रही है। दोनों मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।

फरवरी 2018 में कोतवाली नगर के सरेठी गांव के निवासी जिला पंचायत सदस्य रेखा चौधरी के पति रामचंदर ने पुलिस को दी तहरीर में माफिया मुन्ना बजरंगी व अजय सिपाही पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था।

वो शहर की एक कीमती जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम करने की धमकी भी दे रहे थे। उनका आरोप था कि उनकी हत्या करने के लिए अपने गिरोह के सदस्यों को भेजा है।

रामचंदर की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने मुन्ना बजरंगी, ब्लॉक प्रमुख कटेहरी अजय सिपाही, अभिनव सिंह निवासी वैदेही नगर फैजाबाद, रिंकू सिंह गाजीपुर व धनेश यादव निवासी टडवा श्रीराम उरूवा बाजार गोरखपुर के खिलाफ केस दर्ज किया था।

मामले में एसटीएफ व पुलिस की टीम ने शहर के एक गेस्ट हाउस से फरवरी में ही माफिया अब मृत मुन्ना बजरंगी व अजय सिपाही के इशारे पर रामचंदर की हत्या करने आए शूटर धनेश यादव उर्फ पहलवान निवासी टड़वा श्रीराम थाना उरूवा बाजार गोरखपुर व अभिनव सिंह निवासी वैदेही नगर फैजाबाद को गिरफ्तार किया था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार उस समय धनेश यादव ने पूछताछ में बताया कि वो विजय हरिजन के माध्यम से चंदन सिंह गैंग से जुड़ा था। जनवरी 2015 में पुलिस एनकाउंटर में विजय हरिजन के मारे जाने के बाद वो फैजाबाद जेल चला गया था।

उस समय फैजाबाद जेल में अजय सिपाही गैंग के अभिनव व अमन सिंह व रामचंदर आदि बंद थे। इनमें से रामचंदर ने फैजाबाद में कई कीमती जमीनों की रजिस्ट्री व एग्रीमेंट कराया था।

उसी जमीन के लिए अजय सिपाही, संदीप सिंह निवासी नाका फैजाबाद, विपिन सिंह सुल्तानपुर, अभिनव सिंह, अमन सिंह झारखंड, रिंकू सिंह व मुन्ना बजरंगी आदि रामचंदर से रंगदारी मांग रहे थे।
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रामचंदर द्वारा इनकार करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। मुन्ना बजरंगी, अजय सिपाही व रिंकू सिंह के कहने पर रामचंदर की हत्या करने के लिए वो व अभिनव गाजीपुर जेल में रिंकू से मिलकर बाइक द्वारा फैजाबाद आए थे।
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