छात्रा अपहरण मामले में नया मोड़, हिरासत से अपहरणकर्ता को छोड़ने का आरोप
अयोध्या। कोतवाली नगर क्षेत्र के एक स्कूल से ग्यारहवीं की अपहृत छात्रा तीन दिन बाद बुधवार शाम नाटकीय ढंग से घर पहुंची। मामले में पुलिस ने पूछताछ की तो फिर युवक के साथ फरार हो गई।
अनहोनी की आशंका से पुलिस ने सक्रियता दिखाते उसे बाराबंकी से कब्जे में लिया, लेकिन आरोपी युवक को कोतवाली में पूरी रात रखने के बाद सुबह छोड़ दिया। पुलिस का कहना है कि गुमशुदगी का मामला अपहरण में दर्ज है।
छात्रा युवक पर कोई आरोप नहीं लगा रही है, इसलिए गिरफ्तारी नहीं है। जबकि मामले में केस दर्ज कराने वाली छात्रा की दादी की ओर से एसएसपी व आईजी से शिकायत की गई है कि पुलिस आरोपी से मिलकर छात्रा का मेडिकल नहीं करा रही है।
न ही अपहरण व दुष्कर्म करने वाले आरोपी पर कार्रवाई कर रही है। कोतवाली नगर क्षेत्र के एक कॉलोनी निवासी छात्रा की दादी ने पुलिस अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि उसकी पोती ग्यारहवीं की छात्रा है, जो 21 जनवरी को सुबह घर से निकली थी।
देरशाम तक वापस नहीं लौटी। मामले की गुमशुदगी स्थानीय थाने पर दर्ज कराई गई। लेकिन आसपास जानकारी करने पर पता चला कि उसकी पोती का एक युवक ने अपहरण कर लिया है। आरोपी गाड़ियों का व्यापार भी करता है।
पुलिस ने आरोपी के घर पर दबिश दी तो आरोपी ने उसकी पोती को उसके घर के पास 23 जनवरी को छोड़ दिया। पूछताछ करने पर उसकी पोती ने बताया कि आरोपी युवक ने उसका अपहरण कर लिया था।
पोती को लेकर परिवारीजन थाने गए और पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराया। छात्रा ने कहा कि युवक उसे बाराबंकी ले गया था, पुलिस का दबाव पड़ने पर अयोध्या कचहरी लाकर शादी के लिए एक वकील से मिलवाया, मगर नवंबर में 18 साल पूरा होने की बात कही गई।
छात्रा के दादी का आरोप है कि अपहरण व कुकृत्य करने वाला युवक शातिर प्रकृति का अपराधी है। पहले भी कुछ लड़कियों के साथ ब्रेनवाश कर ऐसी हरकत कर चुका है।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को छात्रा को जिला महिला अस्पताल ले जाकर मेडिकल परीक्षण कराना चाहा, लेकिन छात्रा ने मेडिकल कराने से इंकार कर दिया। पुलिस ने छात्रा का 161 व 164 का बयान दर्ज करके छात्रा को परिवारीजनों के हवाले कर दिया है।
वहीं, छात्रा की दादी का आरोप है कि पुलिस मामले में लापरवाही बरत रही है। नामजद तहरीर देने के बावजूद भी आरोपी के खिलाफ नामजद केस नहीं दर्ज किया गया है न ही उसके खिलाफ कोई कार्यवाही की जा रही है।
परिवारीजनों ने पुलिस महानिरीक्षक व अन्य उच्च अधिकारियों से भी पुलिस पर तमाम आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की है। मामले में कोतवाल नगर विनोद बाबू मिश्र ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया है।
परिवारीजनों की ओर दी गई तहरीर मिल गई है। छात्रा ने मेडिकल कराने से इंकार कर दिया है। उसका 161 व 164 का बयान कोर्ट में कराया गया है। परिवारीजन छात्रा को लेने से इंकार कर रहे थे, किसी तरह एक रिश्तेदार राजी हुए, जिन्हें सुपुर्द कर दिया गया है।
कोर्ट से बयान की प्रति मिलने के बाद उसी मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। उधर, छात्रा ने कोर्ट से बाहर आने के बाद कहा कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। लेकिन वह उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहती है।
सीओ सिटी धनंजय कुशवाहा ने कहा कि छात्रा मामले में पहले अज्ञात के खिलाफ गुमशुदगी दर्ज हुई थी, फिर उसके लौटने पर अपहरण की धारा लगी। जिस युवक पर अपहरण आदि का आरोप परिवारीजन लगा रहे हैं, उसे कोतवाली में लाया गया था।
छात्रा ने पुलिस को बयान में उसका नाम नहीं लिया है। उसने मेडिकल कराने से भी इंकार कर दिया है। जबकि परिवारीजन युवक पर कार्रवाई और छात्रा के मेडिकल कराने की मांग कर रहे हैं। अब कोर्ट में दर्ज छात्रा के बयान के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।