तिथि भेद के चलते रामनगरी में दो दिन मनेगी जन्माष्टमी
अयोध्या। रामनगरी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विभिन्न मंदिरों व अन्य स्थानों पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगेे, झांकियां भी सजेंगी।
तिथि एवं नक्षत्र भेद के चलते इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी दो दिन मनाई जाएगी। गृहस्थ जहां 2 सितंबर को जन्माष्टमी मनाएंगे वहीं उदया तिथि के अनुसार जन्माष्टमी 3 सितंबर को मनाई जाएगी।
आचार्य शिवेंद्र ने बताया कि रविवार को सांय 6:29 तक कृतिका नक्षत्र है। उसके बाद रोहिणी नक्षत्र आ जाएगा और दिन में 5:09 बजे तक सप्तमी तिथि है। उसके बाद अष्टमी तिथि लग जाएगी।
इसलिए 2 सितंबर की रात्रि में अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र दोनों का संयोग रहेगा। इस प्रकार गृहस्थ आदि सभी लोग 2 सितंबर को ही जन्माष्टमी मनाएंगे। वहीं वैष्णव परंपरा में उदया तिथि के अनुसार 3 सितंबर को जन्माष्टमी मनाई जाएगी।
क्योंकि 3 सितंबर को सुबह सूर्योदय के समय रोहिणी नक्षत्र व अष्टमी तिथि पड़ेगी। दंतधावन कुंड स्थित श्री गुरुधाम में श्रीसीताराम दास ओंकारनाथ जी महाराज का आविर्भाव महोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के साथ उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
आश्रम के व्यवस्थापक गदाधर ने बताया कि गुरुदेव का आविर्भाव महोत्सव व श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाने की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। 1 सितंबर से 72 घंटे के अखंड संकीर्तन का श्रीगणेश होगा और 3 सितंबर की रात्रि जन्माष्टमी मनाई जाएगी।
ऋणमोचन घाट बृजमोहन कुंज में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाने की परंपरा पुरातन है। 3 सितंबर को मंदिर में शाम सात बजे से रात्रि 12 बजे तक विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच योगेश्वर श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धाकर्षण का केंद्र होगा।
श्री तुलसी जनसेवा समिति द्वारा 2 व 3 सितंबर को रानी बाजार चैराहा अयोध्या पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी परंपरागत ढंग से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। भव्य फूलबंग्ला झांकी सजाई जाएगी।