नकली दवा कारोबारी को जमानत नहीं
फैजाबाद। नकली दवा बेचकर मरीजों के जीवन से खिलवाड़ करने वाली फर्म की मालकिन को कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने से इंकार कर दिया। यह आदेश विशेष न्यायाधीश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि अधिनियम सुरेश चंद्र आर्य की कोर्ट से शनिवार को हुआ।
एडीजीसी मंसूर इलाही ने बताया कि घटना 2 सितंबर 2016 की है। ड्रग इंस्पेक्टर उदयभान सिंह ने शहर के रिकाबगंज स्थित निखिल मेडिकल एजेंसी पर छापा मारकर वहां से वर्टिन व अलप्राक्स टेबलेट का सेंपल लेकर उसे जांच के लिए गवर्नमेंट एनालिसिस लेबोरेटरी लखनऊ और उन कंपनियों में भेजा जहां यह दवाइयां निर्मित हुई थी। जांच में यह दवाइयां नकली पाई गईं और कंपनियों ने इन दवाओं के इस कंपनी में निर्मित होने से इंकार कर दिया। इस पर ड्रग इंस्पेक्टर ने कोर्ट में फर्म की प्रोपराइटर आरती गुप्ता और उसके भाई निखिल गुप्ता के खिलाफ परिवाद दाखिल किया। निखिल गुप्ता की जमानत पूर्व में खारिज हो चुकी है। शनिवार को आरती गुप्ता की जमानत पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले को अति गंभीर प्रकृति का बताते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।