रिजल्ट से निराश छात्रा ने की आत्महत्या
यूपी बोर्ड परीक्षा में उम्मीद से कम मिले थे 65.4 फीसदी अंक
अमर उजाला ब्यूरो
हैरिंग्टनगंज। परीक्षा परिणाम के बाद मेहनत से कम अंक आने की निराशा जानलेवा बनती जा रही है। इनायतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम हरीरामपुर रौना पूरे नोखईमिश्र में इंटरमीडिएट परीक्षा में आशा के अनुरूप अंक नहीं मिलने पर एक छात्रा ने घर में बड़ेर से दुपट्टा बांधकर फांसी लगा ली। पुलिस ने छात्रा के शव का पंचनामा कर परिवारीजनों को सौंप दिया। इसके पहले भी शुक्रवार को परिणाम जारी होने की रात में एक छात्र ने कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश की थी। अगले दिन इस वारदात से लोग सहम गए हैं।
रौना पूरे नोखई मिश्र निवासी शिवप्रसाद मिश्र उर्फ आल्हा की पुत्री खुशबू (17) इंटरमीडिएट परीक्षा में सही परिणाम न आने से आहत थी। शनिवार शाम खुशबू की मां बाजार गई थी। इस दौरान खुशबू ने भाई-बहनों को बगल में स्थित चाचा के घर भेज दिया। फिर घर में दुपट्टे के सहारे लकड़ी की धन (बडे़र) से लटककर आत्महत्या कर ली। खुशबू की मां रात में जब बाजार से घर पहुंची तो घटना की जानकारी हुई।
इनायतनगर थानाध्यक्ष गजेंद्रपाल सिंह ने बताया कि घरवालों द्वारा पोस्टमार्टम करवाने से मना करने पर मृतका की लाश को घर वालों के सुपुर्द कर दिया। परिवारीजनों ने अयोध्या में मृत छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया।
मेधावी थी छात्रा
अंबेडकर विद्यालय आस्तीकन की छात्रा खुशबू को इंटरमीडिएट परीक्षा में 500 में से 327 अंक मिले थे। परिवारीजनों का कहना है कि खुशबू को और ज्यादा अंकों से उत्तीर्ण होने की आशा थी। शुक्रवार को घोषित परीक्षा परिणाम में मेहनत के अनुरूप अंक न आने से वह निराश हो गई थी।
परिवार की माली हालत ठीक नहीं
खुशबू के परिवार की हालत भी ठीक नहीं है। उसके पिता शिवप्रसाद मिश्र उर्फ आल्हा लुधियाना में प्राइवेट नौकरी करते हैं। मां गृहणी है। चार बहन व एक भाई में खुशबू तीसरे नंबर पर थी। बड़ी बहन महिमा (24) की शादी हो गई है, दूसरे स्थान पर ममता (20), ब्यूटी (8) सबसे छोटा भाई दिवांत (6) है। घर खास-फूस व छप्पर का बना है।