पहले सरयू पूजन, फिर यात्रियों का सम्मान करेंगे योगी
अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 12 मई को अयोध्या पहुंच रहे हैं। वे यहां सुबह 9 बजे अयोध्या पहुंचेंगे और सर्वप्रथम सरयू का पूजन अर्चन करेंगे। उसके बाद रामकथा पार्क में संतों के सानिध्य में समारोह पूर्वक बस सेवा का स्वागत करेंगे। मुख्यमंत्री करीब एक घंटे तक अयोध्या में समय गुजारेंगे। जिसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
भारत एवं नेपाल की मैत्री को और प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेपाल देश की यात्रा पर हैं। यात्रा के दौरान 11 मई को प्रधानमंत्री जनकपुर से भारत नेपाल मैत्री बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि बस में नेपाल के 15 उच्च अधिकारी व 15 तीर्थयात्री आ रहे हैं । जिनका अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ 12 मई को स्वागत करेंगे। रामकथा पार्क में विधि पूर्वक बस एवं बस में सवार नेपाल के उच्च अधिकारियों व तीर्थयात्रियों का स्वागत अंगवस्त्र देकर किया जायेगा। वहीं डीएम डॉ. अनिल पाठक की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को रामकथा संग्रहालय में बैठक कर समारोह को अंतिम रूप दिया गया। डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर का है। जिससे भारत की ख्याति भी जुड़ी हुई है। इसका पूरा ध्यान रखकर सभी तैयारियां पूरी करें। एसएसपी डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से विशेष निगरानी की जा रही है, बैरीकेटिंग कराई जा रही है।। अधिकारियों ने बैठक के बाद कार्यक्रम स्थल रामकथा पार्क का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय, एसपीसिटी अनिल सिंह सिसौदिया, नगर आयुक्त मार्तंड प्रताप सिंह, एआरटीओ उदित नारायण, पर्यटन अधिकारी बीपी सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
अयोध्या व जनकपुर की थीम पर सजेगी झांकी
बस सेवा के स्वागत समारोह को भव्य बनाने की प्रशासनिक तैयारी तेज है। इस अवसर पर संस्कृति विभाग द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। सूचना विभाग द्वारा दो झाँकी भी निकाली जाएंगी। एक झाँकी में अयोध्या तथा दूसरे झाँकी में जनकपुरी का दृश्य होगा। साकेत महाविद्यालय में झांकी बनाने का काम तेजी से चल रहा है। सूचना विभाग द्वारा चार एलईडी वैन लगाकर सरकार की योजनाओं तथा रामायण चलचित्र का प्रदर्शन भी कराया जायेगा।
संतों में हर्ष, कहा आसान होगी जनकपुर की यात्रा
अयोध्या। अयोध्या से जनकपुर चलने वाली बस सेवा का रामनगरी के संतों ने स्वागत करते हुए हर्ष व्यक्त किया है। संतों का कहना है कि अवध व मिथिला के संबंध अत्यंत प्रगाढ़ हैं। त्रेतायुगीन इस संबंध को अब और मजबूती मिलेगी। संतों ने कहा कि अयोध्या व जनकपुर की अभिन्नता भी प्रतिपादित होगा। यह अंतरराष्ट्रीय बस सेवा दोनों देशों की सांस्कृतिक गतिविधियों के आदान-प्रदान में भी सहायक होगी वहीं पर्यटन के भी मार्ग प्रशस्त होंगे।
प्रतिपादित होगी अयोध्या-जनकपुर की अभिन्नता : ज.गु.पुरूषोत्तमाचार्य
ज.गु.पुरूषोत्तमाचार्य जी ने इस बस सेवा को अयोध्या के लिए गर्व का विषय बताया। कहा कि जिस प्रकार बच्चे अपने ननिहाल में जाकर प्रसन्न होते हैं उसी प्रकार अयोध्यावासी भी जनकपुर जाकर आनंद का अनुभव करते हैं। इस बस सेवा से अयोध्या जनकपुर की अभिन्नता प्रतिपादित होगी।
अयोध्या-मिथिला को जोड़गी बस सेवा : सुरेश दास
दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या का धार्मिक विकास भी करना चाहते हैं। शुरू हो रही यह बस सेवा अयोध्या-मिथिला को जोड़ने का काम करेगी। जनकपुर व अयोध्या का संबंध त्रेतायुगीन है। बस सेवा से दोनों देशों की बीच आत्मीयता बढ़ेगी।
मधुर होंगे भारत-नेपाल के संबंध : महंत रामदास
नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने कहा कि अयोध्या और जनकपुर का संबंध प्रगाढ़ है। बस सेवा से अच्छा संदेश जाएगा। भारत और नेपाल के संबंध मधुर होंगे। यह अच्छा प्रयास है, इससे दोनों देशों के दिल जुड़ेंगे और मैत्री बढ़ेगी, मोदी व योगी सरकार का प्रयास सराहनीय है।
मजबूत होगी सांस्कृतिक विरासत : राजकुमार दास
श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि अवध व मिथिला की सांस्कृतिक विरासत और मजबूत होगी। दोनों देश धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आदान-प्रदान कर सकेंगें। अयोध्यावासियों संतों के लिए यह गौरव का क्षण है।
स्वागतयोग्य है बस सेवा : ज.गु.रामदिनेशाचार्य
ज.गु.रामदिनेशाचार्य ने भी बस सेवा को स्वागत योग्य बताया। कहा कि भगवान राम व सीता अभिन्न हैं। श्रीराम विवाह का स्पष्ष्ट चिंतन व मार्गदर्शन भक्तों को हो सकेगा। दोनों देशों के बीच आवागमन के मार्ग बनाए जा रहे हैं, दोनों देशों की धार्मिक आस्था सुदृढ़ होगी।