सूबे की राजधानी में ट्रेनों के जरिए ड्रग्स तस्करी का धंधा तेजी से सामने आ रहा है। जम्मूतवी एक्सप्रेस से स्टेशन पर उतरे दो संदिग्धों की जांच में रेलवे पुलिस ने रविवार को एक किलो 20 ग्राम हेरोइन पकड़ी है।
जबकि बीती गुरुवार की शाम को 1.10 किग्रा हेरोइन के साथ एक तस्कर दबोचा गया था। हाल की दोनों घटनाओं से साफ हो रहा है कि लखनऊ में ड्रग्स का बड़ा नेटवर्क फलफूल रहा है। जांच और पूछताछ में अभी तक यही सामने आ पाया है कि दोनों मामलों में पकड़े गए तस्कर मात्र हैंडलर हैं, उन्हें न माल देने वाले का कोई अता-पता मालूम है, न लेने वाले का।
सब कुछ मोबाइल के जरिए कोडवर्ड में होता है। हेरोइन की तस्करी को लेकर पं. बंगाल का माल्दा इलाका बदनाम है। यहां बड़े पैमाने पर होने वाली अफीम की खेती ड्रग्स तस्करी का सबसे बड़ा कारखाना साबित होती है।
पत्रकारों से बातचीत में जीआरपी के प्रभारी थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वह सावन झूला मेला को देखते हुए एसपी सोनिया सिंह के निर्देशन में ट्रेनों की जांच-पड़ताल के दौरान रविवार की सुबह साढ़े 10 बजे जम्मूतवी एक्सप्रेस फैजाबाद स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर पहुंचे।
इस दौरान टीम के साथ ट्रेन में यात्रियों की जांच-पड़ताल शुरू की गई तो प्लेटफार्म 4 व 5 पर दो युवक संदिग्ध दिखे। जैसे ही ट्रेन चलने को हुई, दोनों युवक ट्रेन में चढ़ने के लिए दौड़े तो उन्हें रोक लिया गया। दोनों को बैग की तलाशी की गई तो अंदर गुप्त चेन के जरिए छिपाया गया पैकेट मिला।
जांच में हेरोइन पाई गई। दोनों पैकेट का वजन 1 किलो 20 ग्राम पाया गया है। पकड़े गए दोनों युवकों की पहचान ताजबुल शेख (25) और जमीदुल शेख (21) निवासी ग्राम छोटा नाल्दा (मुसलमान बाड़ा) जिला नदिया पं.बगाल के रूप में हुई।
प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि युवक ब्राउन शुगर लखनऊ ले जा रहा था। उसे बर्धमान स्टेशन पर ड्रग्स माफिया ने पैकेट के साथ 10-10 हजार रुपये दिए थे। माल पहुंचाने पर इतनी रकम मिलनी थी। पूछताछ में सामने आया कि दोनों हैंडलर हैं, इन्हें जिसने माल दिया उसके बारे में कुछ नहीं जानते।
माल्दा इलाके में तस्कर बेरोजगार गरीब युवकों को माल पहुंचाने के लिए एजेंटों के जरिए तैयार करते हैं। पकड़े गए युवक बंगाली बोल रहे थे, उनके मुताबिक माल लखनऊ में देना था। माल लेने वाले को माल्दा से ही ड्रग्स माफिया युवकों की पहचान मोबाइल के जरिए बताते हैं, उसी आधार पर इनसे मिलने आने वाले लखनऊ के ड्रग्स माफिया को माल सौंपा जाना था।
सिंह ने बताया कि लखनऊ और माल्दा दोनों जगह के मुख्य ड्रग्स माफिया की धरपकड़ के लिए रणनीति बनाई गई है। रेलवे की एक टीम माल्दा गई हुई है, लखनऊ में भी रैकेट को खंगाला जा रहा है। जबकि मिलेट्री इंटेलिजेंस से भी मामले में मदद मांगी गई है।