अयोध्या। घर कब्जा करने का विरोध करने पर युवक का अपहरण करके उसकी हत्या कर देने के मामले में कोर्ट ने तीन लोगों को दोषी पाते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट बृजेश कुमार सिंह की अदालत से हुआ।
वादी के अधिवक्ता राघवेंद्र प्रताप सिंह, दीपक सिंह और गिरोह बंद अधिनियम के विशेष लोक अभियोजक विकास शुक्ला ने बताया कि घटना 10 मई 2002 की है। शाम 5 बजे विनोद कुमार सिंह निवासी करौली थाना रौनाही के भाई रणविजय सिंह को तरंजी निवासी जगनपुर थाना रौनाही का अपहरण कर लिया गया था। 13 मई 2002 को रणविजय की लाश मंगलसी गांव के पास नाले से बरामद हुई थी। इसकी रिपोर्ट विनोद कुमार सिंह ने लिखाई थी।
दौरान विवेचना नंगू व बब्बू निवासी जगनपुर थाना रौनाही तथा गोलू उर्फ अवधेश कुमार निवासी मकसूदगंज मंगलसी थाना रौनाही का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने तरंजी समेत चारों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किया था। मामले में प्रशासन ने बाद में गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्यवाही भी की थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों को दोषी पाते हुए सजा दी। तरंजी की मुकदमा के दौरान मौत हो गई थी। इसलिए उसके खिलाफ मुकदमा वेट कर दिया गया है। संवाद