अयोध्या। जिले में गुरुवार को आई रिपोर्ट में तीन और मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें दो मरीज मां-बेटे हैं, जिनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। जबकि तीसरा मरीज प्रवासी श्रमिक है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित इलाके को सील करते हुए तीनों मरीजों को आइसोलेशन में भेजा गया। साथ ही गांव में कोरोना बचाव के उपाय किए जा रहे हैं।
रामपुरभगन प्रतिनिधि के अनुसार बीकापुर विकास खंड के रामपुरभगन बाजार में कपड़ा व्यापारी का पुत्र (34) व पत्नी (60) लंबे समय से घर पर ही निवास करते हैं। इनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री भी नहीं है। गुरुवार को इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने से व्यापारियों एवं बाजार के लोगों में हड़कंप मच गया है।
बताया गया कि मरीजों के पड़ोसी की मौत मंगलवार को हुई थी, उसे परिवारीजन जिला अस्पताल एवं किसी निजी चिकित्सक को दिखाकर शहर में ही रखे थे, जहां मौत होने के उपरांत उसे रामपुरभगन आवास पर ले आए। पड़ोसी के निधन के बाद बुधवार को हुए दाह संस्कार में कई लोग शरीक हुए थे।
गुरुवार को मां-बेटे की रिपोर्ट आते ही चौकी प्रभारी रामपुरभगन उमेश कुमार वर्मा ने बाजार को सील करा दिया। हल्का लेखपाल सूर्यभान वर्मा ने बताया कि दोनों मां-बेटे की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। दोनों घर पर ही रहते हैं। बेटा कपड़े का व्यवसाय करता है। सीएचसी बीकापुर चिकित्सा अधीक्षक अब्दुल खतीब अंसारी ने बताया कि दोनों लोगो को एल-टू मेडिकल कॉलेज अयोध्या में भर्ती कराया गया है।
सूरत से आया मजदूर 22 दिन बाद निकला कोरोना पाजिटिव
पटरंगा। रुदौली तहसील के पटरंगा थाना क्षेत्र के बाकरपुर मजरे रानीमऊ गांव निवासी एक मजदूर 22 दिन पूर्व सूरत से आया था। जिसका चेकअप कराने के बाद उसे रुदौली में रखा गया था। जिसके बाद उसे घर ले आया गया और वह पूरे गांव में घूमता रहा। बाद में तबियत खराब होने पर मवई सीएचसी की टीम ने उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा।
गुरुवार को आई रिपोर्ट में वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया। रिपोर्ट आने पर गांव में जब स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग व पुलिस विभाग की टीमें पहुंची तो ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई। इससे गांव में हड़कंप मच गया। सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर रविकांत वर्मा ने बताया कि यह मजदूर 20 मई को सूरत से आया था। इसकी रिपोर्ट गुरुवार को पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य टीम ने गांव पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किए हैं। रुदौली तहसील के नायब तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, पटरंगा थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह, हल्का दरोगा अमरनाथ यादव आदि ने तमाम प्रक्रियाएं पूर्ण कराया।