अयोध्या। सदर तहसील के ग्राम पंचायत उनियार में एक युवक की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के 40 घंटे बाद बुधवार को जिला प्रशासन व स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची। इस तरह की गंभीर लापरवाही 18 मई को अचानक 21 लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद कई मोर्चे पर सामने आ रही है।
संक्रमित व्यक्तियों का कोरेंटिन सेंटर से लापता होने, घर से लाकर अस्पताल में भर्ती कराने में 18 घंटे का समय लगने आदि घटनाओं से लोगों की चिंताएं बढ़ गई है। एक साथ भारी संख्या में मिले कोरोना मरीजों के प्रति भी महकमा पूरी तरह सजग नहीं दिख रहा। मरीज मिलने के काफी समय बाद क्षेत्रों में टीमें पहुंची तो, मरीजों को भी विलंब से कोविड हॉस्पिटल में शिफ्ट कराया गया। गांवों में बचाव कार्य भी विलंब से शुरू हुए। इसकी वजह से संबंधित इलाकों सहित जनपदवासियों में भी खौफ का माहौल है।
शुरुआती दौर में इक्का-दुक्का मरीज मिलने पर तो प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा काफी तेज नजर आया। संबंधित इलाकों को कंटेनमेंट जोन व बफर जोन आदि घोषित करते हुए थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन, संपर्कियों को ढूंढने, गांव सील करने सहित तमाम प्रक्रियाएं चुटकियों में हो गईं। लेकिन बीते सोमवार को एक साथ 21 मरीज पाए जाने के बाद जिला प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा काफी सुस्त नजर आया। क्षेत्रों में भी तमाम लापरवाहियां बरती गईं, जिससे आमजन में आक्रोश व असुरक्षा की भावना पनपी। वहीं, कोरोना मरीजों के प्रति भी जिम्मेदार काफी लापरवाह नजर आए।
कोविड हॉस्पिटल में नहीं मेनटेन था रजिस्टर, लगी फटकार
मसौधा फैसलिटी क्वारंटीन से सात मरीज पॉजिटिव मिलने के बाद सोमवार की रात में ही उन्हें कोविड एल-1 हॉस्पिटल में भेज दिया गया। दो बार में एंबुलेंस द्वारा उन्हें हॉस्पिटल में पहुंचाया गया था। लेकिन ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने रजिस्टर में नाम तक दर्ज नहीं किया। मंगलवार की देररात महिला अस्पताल से गई एक मरीज के हंगामा करने के बाद मौके पर पहुंचे सीडीओ प्रथमेश कुमार व सीएमओ डॉ घनश्याम सिंह को तमाम बदहालियां नजर आईं। फैसलिटी क्वारंटीन से भेजे गए एक मरीज की तलाश शुरू की गई तो वह कागज में मिला नहीं। क्वारंटीन के प्रभारी को बुलाया गया, जिन्होंने अस्पताल में भेजे जाने का साक्ष्य आदि प्रस्तुत किया। काफी जद्दोजहद के मरीज कोविड एल-1 हॉस्पिटल में मिला। इस पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित चिकित्सक व स्टाफ को आड़े हाथों लिया। सवाल-जवाब का सिलसिला देररात तक चला तो व्यवस्थाएं दुरुस्त हुईं। मुख्य विकास अधिकारी प्रथमेश कुमार ने बताया कि रजिस्टर मेनटेन कराया गया है। सारे मामले का निस्तारण हो चुका है।
40 घंटे तक पूरे गांव को छोड़ा रामभरोसे
सदर तहसील के ग्राम पंचायत उनियार में एक युवक की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के 36 घंटे बाद जिला प्रशासन व स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची। गांव निवासी तीन लोग अहमदाबाद से 14 मई को फैजाबाद पहुंचे। वहां से सीधे प्राथमिक विद्यालय उनियार में जाकर क्वारंटीन हो गए। 16 मई को सरयू नदी में स्नान करने चले गए। वापस आने पर एक युवक को तेज बुखार आ गया। देर रात एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज दर्शननगर ले जाया गया। वहां से सैंपल जांच के लिए भेजा गया। जिसकी रिपोर्ट 18 मई की शाम ही पॉजिटिव आई थी। लेकिन इस संबंध में अधिकारियों से पूछा जाता रहा तो मंगलवार की देररात तक ना-नुकुर करते रहे। लेकिन अचानक 20 मई को सुबह लगभग 10 बजे खंड विकास अधिकारी केडी गोस्वामी के साथ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी आ धमके। सैनिटाइजेशन और सर्वे के लिए टीम गठित कर कार्यवाही शुरू की गई। बीडीओ केडी गोस्वामी ने बताया कि विद्यालय बाजार और संक्रमित के घर के आसपास सैनिटाइजेशन किया जा रहा है।