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लगातार बढ़ रहे दाम, थाली से दूर हो रही अरहर की दाल

Sat, 22 Aug 2015 10:41 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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इनके दाम अचानक बढ़ने से बढ़ी महंगाई से हायतौबा मची है। अरहर दाल के दाम बढ़ते रहने से इनके कारोबारियों की चांदी है। गोदाम और घरों में डंप कर अरहर रखने वाले ऐसे में अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
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दस दिनों में अरहर की दाल के थोक भाव में 15 तो फुटकर में 20 रुपये की वृद्धि हुई है। अरहर दाल के दाम बढ़ने से थोक कारोबारियों की बल्ले-बल्ले है। आम आदमी सकते में और परेशान है।

थोक बाजार में अव्वल दाल 127 रुपये व सामान्य श्रेणी की दाल 122 रुपये प्रति किलो बिक रही है। खुदरा बाजार में 130 रुपये प्रति किलो दाल बिक रही है। कारोबारियों का अनुमान है दाल की कीमतें अभी और बढ़ेंगी।
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इसके साथ ही प्याज के भाव भी बाजार में थम नहीं रहे हैं। दस दिनों में इसके दाम 20-25 रुपये बढ़ गये हैं। मंडी से 200-240 रुपये पसेरी में प्याज लेकर ठेले वाले फुटकर में 40-50-60-65 रुपये किलो में बेच रहे हैं।

सलाद, मसालों और छौंक के लिए लोग कंजूसी से खरीदारी कर रहे हैं। भोजन का जायका गड़बड़ाने लगा है। मनोज यादव का कहना था कि अरहर दाल के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसा क्यों हो रहा? नहीं पता। लेकिन घर पर अरहर की दाल अब कभी कभार बनती है।

भूपेंद्र प्रताप तिवारी बोले पहले जिले में काफी अरहर पैदा होती थी। नीलगायों के डर से अब किसान इसकी खेती नहीं करता। नीलगायों का खात्मा हो तो अरहर की उपज बढ़े।

गोपाल कुंज सिंह का कहना था पिछले रविवार को अरहर की दाल 115 रुपये किलो में खरीदी थी। आज दाल 130 रुपये है। अरहर की दाल अब महीने में दो बार बनेगी।

शुएब का कहना था सब्जियों से सस्ती तो दाल है। पांच लोगों के लिए प्रतिदिन 80 से सौ रुपये सब्जी का खर्च आता है। एक किलो दाल कम से कम चार दिन चलती है।

रिकाबगंज के दुकानदार प्रकाश गुप्त का कहना है कि दाम बढ़ने की वजह साफ है। जब भी उत्पादन कम होगा, मांग बढ़ेगी तो सभी वस्तुओं के दाम बढ़ेगा। अरहर का उत्पादन कम होने से ऐसा हुआ है। नई फसल आने अथवा आयात होने पर दाम स्वत: कम हो जायेंगे।
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