सदर तहसील क्षेत्र के मांझा बरेहटा में चकबंदी के विरोध की चाल नाकाम हो गई। इस गांव में चकबंदी शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई शासन के आदेश पर शुरू की गई है। यहां चकबंदी कराने के विरोध किया जा रहा था। गांव के लोगों ने ही इसका विरोध किया था। बाद में प्रशासन के अफसरों ने ग्रामीणों के साथ बैठक करके इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी थी। चकबंदी न कराने के इस अभियान के पीछे भू-माफियाओं के सक्रियता थी।
मांझा बरेहटा सरयू की कछार में शहर से सटा हुआ इलाका है। यहां की जमीनें कीमती हैं, जिससे इन-पर भूमाफियाओं की नजर है। बताया जाता है कि इस गांव की सैकड़ों बीघे ऐसी जमीने aहैं जिनके अभिलेख किसी के नाम हैं, लेकिन वास्तव में यह जमीनें दूसरे के कब्जे में है।
यही कारण है कि यहां चकबंदी न कराए जाने को लेकर गांव के गरीब लोगों से ही जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके पीछे जमीन का खेल करने वालों की चाल थी। लंबी जद्दोजहद के बाद जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सहित एसडीएम और चकबंदी विभाग के अफसरों की टीम बनाकर ग्रामीणों के साथ बैठक करने के लिए निर्देश दिया था।
बैठक के बाद टीम ने यहां चकबंदी कराए जाने संबंधी रिपोर्ट डीएम को सौंपी। इसके बाद शासन को यह रिपोर्ट भेजी गई। अब शासन यहां चकबंदी कराए जाने के लिए आदेश जारी कर दिया है।
बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी आरसी त्रिपाठी ने मांझा बरेहटा गांव में चकबंदी कराए जाने के लिए शासन से आदेश आने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस गांव में चकबंदी कराने के लिए प्रकाशन कराया गया है। चकबंदी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।