आंधी के साथ हुई मामूली बारिश में ही बुधवार को शहर के मोहल्लों में पानी भर गया। महाजनी टोला, ऋषि टोला, खिड़की अलीबेग, पुलिस लाइंस व सिविल लाइंस के आधे हिस्से में जलभराव से हड़कंप मच गया। करीब 10 हजार की आबादी नाले के गंदे पानी से घिर गई।
हालात से आजिज सैकड़ों लोगों सड़क पर उतर आए और मार्ग जाम कर दिया। सभी ने नगर पालिका की लापरवाही पर जमकर भड़ास निकाली। हालात बिगड़ते देख पुलिस व पालिका के अधिकारियों ने किसी तरह लोगों को समझाया, लेकिन जाम तभी हटा जब नगर पालिका ने महाजनी टोला के बंद नाले को खोला।
नाले के बंद रहने से हुए जलभराव से बुधवार को नागरिकों का धैर्य जवाब दे गया। गुस्साए मोहल्लावासी सड़क पर उतर पडे़े। विरोध जताते हुए रिकाबगंज-कसाबबाड़ा मार्ग जाम कर दिया।
नागरिकों के साथ जाम व धरने में शामिल उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष सुशील जायसवाल ने बताया कि नगर की करीब 10 हजार की आबादी जलभराव की समस्या जूझ रही है। इससे निजात दिलाने के लिए दो महीने से महाजनी टोला नाले का निर्माण चल रहा है।
इसे बंद कर स्लेब डाला जा रहा है। उनका कहना था कि निर्माण की गति इतनी धीमी है कि इसके पूरा होने में अभी कम से कम डेढ़ माह लगेंगे। इसके बाद इसे फतेहगंज नाले से जोड़ा जायेगा। कहा, नाला बंद होने से पूरे महाजनी टोला, ऋषि टोला, खिड़की अलीबेग, पुलिस लाइंस व सिविल लाइंस के आधे हिस्से में जलभराव हो गया है।
सड़कों और लोगों के घरों में गंदा पानी घुसने लगा है। समस्या से नगर पालिका व प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन राहत नहीं मिली। मौके पर पहुंचे ईओ ने नाला निर्माण पूरा होने में अभी समय लगने को कहा तो नागरिकों का कहना था कि अगले कुछ दिनों में बरसात शुरू हो जायेगी।
इससे समस्या काफी जटिल हो जायेगी। ऐसे में नाले को तत्काल खोला जाये और पानी बहाव में अवरोध बनी पॉलीथिन व कूड़ा हटाया जाये। नागरिकों के जिद पर मजबूर ईओ ने फौरन नाले को खुलवा दिया। धरने पर बैठे फहीम, अयूब, कमल, सुप्रीत कपूर, रमेश, सुरेश का कहना था कि अब बरसात बाद नाला बनेगा।