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राजस्थान के वंशीपहाड़पुर से पत्थर आने का रास्ता साफ

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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष रिटायर आईएएस नृपेंद्र मिश्र ने रविवार को सर्किट हाउस में ट्रस्टियों और इंजीनियरिंग टीम के साथ बैठक की। इसमें मंदिर निर्माण की प्रगति, परिसर की भव्यता से लेकर भावी योजनाओं के ब्लू प्रिंट पर मंथन किया गया। निधि समर्पण अभियान का पूरा ब्यौरा ट्रस्टियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बैठक में बताया गया कि राजस्थान के वंशीपहाड़पुर से पत्थर आने का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है।
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राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की अध्यक्षता में रविवार को अपराह्न तीन बजे शुरू हुई बैठक करीब ढाई घंटे तक चली। बैठक में राममंदिर की भव्यता से लेकर, मंदिर निर्माण की प्रगति पर चर्चा हुई। ट्रस्टियों के समक्ष 40 दिन तक चलाए गए देशव्यापी निधि समर्पण अभियान का भी ब्यौरा प्रस्तुत किया। बारिश के बीच किस तरह काम की प्रगति बरकरार रखी जाए इसको लेकर नृपेंद्र मिश्र ने इंजीनियरों के साथ चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम की गति थमनी नहीं चाहिए, तय समय सीमा में नींव का कार्य पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक समाप्त होने के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पत्रकारों को बताया कि आज की बैठक में विशेषकर मंदिर निर्माण की प्रगति व निधि समर्पण अभियान की समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि बैठक में निधि समर्पण अभियान का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत किया। मकर संक्रांति से 27 फरवरी 40 दिन तक चलाए गए देश व्यापी अभियान में देश के पांच लाख से अधिक गांवों में लगभग 11 करोड़ परिवारों से संपर्क हुआ। किस राज्य से कितना समर्पण प्राप्त हुआ है कि इसकी पूरी रिपोर्ट ट्रस्टियों के समक्ष प्रस्तुत की गई।
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ऑडिट रिर्पोट के मुताबिक बैंकों में 31 मार्च तक लगभग 3200 करोड़ जमा हो चुके हैं। बताया कि हर जिले और प्रांत से चार करोड़ लोगों का डेटा एकत्र किया गया है। जिन्होंने मात्र 10 रुपये ही समर्पित किया। चार करोड़ से कुछ कम लोगों ने 100 रुपये का समर्पण किया। हजार से अधिक का समर्पण करने वालों की संख्या बहुत अधिक रही। अभियान फरवरी में समाप्त हो गया लेकिन अभियान के चेक अभी तक आ रहे हैं। कहा कि वर्षाकाल में निर्माण कार्य में कितनी बाधा आ रही है इसको लेकर डिटेल स्टडी की गई है।
हमारा भरोसा है कि अक्तूबर के अंत तक नींव भराई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। खुशी की बात यह है कि वंशीपहाड़पुर से पत्थर आने के मार्ग में जो कठिनाई आ रही थी, वह दूर हो गई है। राजस्थान सरकार के सहयोग से पत्थर आने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, ज.गु.वासुदेवानंद सरस्वती, कामेश्वर चौपाल, डॉ.अनिल मिश्र, बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, महंत दिनेंद्र दास, आफिसियो ट्रस्टी जिलाधिकारी अनुज कुमार झा सहित तकनीकी विशेषज्ञ शामिल रहे।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राममंदिर निर्माण कार्य देश के नामी तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में किया जा रहा है। आईआईटी चेन्नई के सेवानिवृत्त डायरेक्टर वीएस राजू, आईआईटी गुुवाहाटी के डायरेक्टर सीताराम, एनआईटी सूरत के डायरेक्टर गांधी, सीबीआरआई रुड़की के डायरेक्टर गोपाल कृष्णन, आईआईटी दिल्ली के प्रो.भट्टाचार्य जैसे लोगों ने राममंदिर के नींव की डिजाइन पर लंबे समय तक होमवर्क किया है। उनके निर्देशन में काम आगे बढ़ रहा है।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन के बाद हुई बैठकों में यह पहली ऐसी बैठक रहे जिसमें ट्रस्ट के पदाधिकारियों व सदस्यों की शत प्रतिशत उपस्थिति रही। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि बैठक में सभी 15 ट्रस्टी मौजूद रहे। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास भी पहली बार बैठक में ऑनलाइन जुड़े रहे।
बैठक के अंत में दो-तीन मिनट उन्होंने आशीर्वाद भी दिया। इसके अलाव केशव पारासन ने चेन्नई से दो घंटे अलर्ट होकर भागीदारी की। युगपुरूष परमानंद हरिद्वार, विश्वप्रपन्नतीर्थ कर्नाटक, आईआईएस ज्ञानेश कुमार दिल्ली से तो ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोंविद देव गिरि पूना से बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि कोरोना काल अप्रैल व मई में भी राममंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण को लेकर भक्तों में खासा उत्साह दिखा। इन दो महीनों में केवल ऑनलाइन ट्रांसफर से ही ट्रस्ट के खाते में 80 करोड़ रुपये आए। यही नहीं इस बीच एक माह में रामलला को 60 लाख का चढ़ावा आया जो अब तक का रिकॉर्ड चढ़ावा है।
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