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मंदिर निर्माण के दौरान यातायात दबाव से निपटने को खर्च होगा 4.11 करोड़

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अयोध्या। रामनगरी में जल्द ही मंदिर निर्माण शुरू होने वाला है। ऐसे में भक्तों के अपार जनसमूह के अयोध्या आने की संभावना से शासन-प्रशासन अलर्ट हो गया है। मंदिर निर्माण के दौरान यातायात दबाव से निपटने को 4.11 करोड़ से हाईटेक व्यवस्थाओं की मंजूरी मिली है। अप्रैल माह से नगर निगम व यातायात महकमा इस पर काम शुरू कर देगा।
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इस बार रामनवमी पर ज्यादा भीड़ हो सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने आवश्यक सुविधाओं पर मंथन करना शुरू कर दिया है। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट के माध्यम से शहर के करीब 13 चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल, सीसीटीवी समेत ट्रैफिक नियंत्रण के लिए कई आवश्यक उपायों पर विचार चल रहा है। जल्द ही अयोध्या की यातायात व्यवस्था नए रूप में नजर आएगी।
जिला प्रशासन, नगर निगम व यातायात पुलिस की सहायता से शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के प्रयास शुरू हो गए हैं। आने वाले दिनों में अयोध्या-फैजाबाद शहर में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू कर दिया जाएगा।
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इस पर करीब 4 करोड़ 11 लाख रुपये खर्च होंगे। प्रस्ताव के तहत शहर के चौक, सिविल लाइंस, रिकाबगंज, गुदड़ी बाजार, टेढ़ी बाजार, हनुमानगढ़ी चौराहा, पोस्ट ऑफिस तिराहा, नयाघाट, नाका, पुलिस लाइन, देवकाली और फतेहगंज चौराहों समेत 13 चौराहों पर ट्रैफिक लाइट के साथ सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे यातायात व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा। अयोध्या के हनुमानगढ़ी व नयाघाट समेत फैजाबाद के रिकाबगंज चौराहों पर उच्च क्षमता के सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। कैमरे लगने से अपराधियों पर भी शिकंजा कसा जा सकेगा।
ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर सीधे कंट्रोल रूम से होगा चालान
यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए शहर में एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के वाहन चलाने अथवा ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों का सीधे कंट्रोल रूम से ऑनलाइन चालान किया जाएगा। जाम की स्थिति में कंट्रोल रूम से पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से रूट डायवर्जन की व्यवस्था की जाएगी।
अभी जाम के झाम से जूझ रहा है जुड़वा शहर
वर्तमान में अयोध्या-फैजाबाद जुड़वा शहर जाम से जूझ रहा है। शहर के चौक, रिकाबगंज, फतेहगंज, नाका, सिविल लाइन, नियावां समेत अयोध्या का टेढ़ी बाजार से लेकर नयाघाट तक का पूरा मुख्य मार्ग दिनभर जाम की चपेट में रहता है। संकरी गलियों, घने बाजार, अतिक्रमण, पार्किंग का इंतजाम न होने जैसी कई समस्याओं पर नियंत्रण करना आसान नहीं है। इसके अलावा अयोध्या-फैजाबाद मुख्य मार्ग पर चल रहे हजारों की संख्या में ऑटो, विक्रम समस्या बढ़ा रहे हैं तो शहर की मुख्य बाजार व गलियों में सवार ढो रहे ई-रिक्शा जाम को और बढ़ा रहे हैं। फिलहाल इन पर नियंत्रण करने का कोई प्लान तैयार नहीं किया गया है। वहीं, शहर में ट्रैफिक नियंत्रण के नाम पर सिर्फ रिकाबगंज चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लाइट लगाई गईं हैं।
मैन पॉवर बढ़ाने का दिया है प्रस्ताव
यातायात पुलिसकर्मियों की पर्याप्त संख्या न होने से यातायात नियंत्रण करने में दिक्कतें आती हैं, इसके लिए मैन पॉवर बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं, शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम के साथ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अनियंत्रित ई-रिक्शा, ऑटो, विक्रम आदि वाहनों पर नियंत्रण करने के लिए टीएसआई के नेतृत्व में टीम बनाई गई है, जो प्रतिदिन कार्रवाई कर रही है। शहर में जल्द ही इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सिस्टम लागू होने की संभावना, वहीं, कंटोल रूम बनने से यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा।
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अरविंद चौरसिया, सीओ ट्रैफिक, अयोध्या
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