इनमें ज्यादातर बच्चे दिमागी बुखार से जूझ रहे हैं। वार्ड में भर्ती बच्चों के सिर पर परिवारीजन लगातार पट्टी कर रहे हैं। लेकिन बुखार उतरने का नाम नहीं ले रहा है।
जलालपुर रुदौली की रहने वाली सरोज कुमारी को शुक्रवार शाम अस्पताल में भर्ती किया गया है। तेज बुखार होने के साथ-साथ जुबान भी गायब हो गई है। वह सब को देख रही है, लेकिन बोल नहीं पा रही है।
ग्लूकोज का पानी और इंजेक्शन आहार बन गए हैं। सरोज के पिता राम दुलारे का कहना है कि तीन दिन बीत गए, बिटिया की आवाज नहीं सुनी।
सतनपुर खंडासा निवासी राजेश यादव (5) पुत्र मंशाराम यादव को गुरुवार से बुखार आ रहा है। तबियत अधिक खराब होने पर जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। राजेश के भी पूरे शरीर पर ठंडे पानी से पट्टी की जा रही है।
यही हाल महुरा बाजार परसपुर निवासी सरयू प्रसाद के पांच वर्षीय पुत्री दिव्यांशी का है। बिटिया को तेज बुखार होने पर उसके पिता ने रात तकरीबन डेढ़ बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
इसके अलावा अखिलेश (5) पुत्र संदीप कुमार, प्रिया (8) पुत्री छोटेलाल, सुशील कुमार (12) पुत्र राम भरोसे, किरन कुमार (12), पुत्री नंदलाल, अंशु (6) पुत्री राजकुमार को बच्चा वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि वायरल फीवर का समय चल रहा है। इस समय बुखार आता है तो पांच से सात दिन तक बना रहता है। बुखार तेज होने पर पैरासीटामॉल की दवा तुरंत दें और सिर पर पानी की पट्टी करें। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सक से इलाज कराएं।