भ्रष्टाचार निवारण समिति में सपा अधिवक्ता सभा के अध्यक्ष मंसूर इलाही को अध्यक्ष व आरोपों की शासन से जांच करा चुकीं सपा सभासद व सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष मुस्कान सावलानी और तीन नामित सभासदों को सदस्य बनाया गया है। समिति की ओर से चेयरमैन पर धन के दुरुपयोग और कमीशनखोरी का आरोप लगाया गया है।
बता दें कि मुस्कान सावलानी लाखों रुपये के घोटाले व कमीशनखोरी का आरोप लगाकर चेयरमैन के वित्तीय तथा प्रशासनिक अधिकारों को सीज करने की मांग करके शासन से जांच करा चुकी हैं। बसपा शासनकाल में जिलाध्यक्ष रहे राजेंद्र गौतम ने भी भाजपा के पूर्व चेयरमैन पर घोटाले का आरोप लगा शासन से जांच कराई थी।
गौतम के बाद सपा के नगर उपाध्यक्ष जगदीश यादव भी दस बिंदुओं में लाखों के घोटाले का आरोप लगा शासन से शिकायत करके जांच करा चुके हैं। सभासद मुस्कान उन्हीं बिंदुओं को उठाकर शासन से जांच करा चुकी हैं। जांच पालिका के पक्ष में गई तो चेयरमैन से मिले होने का आरोप जड़ा गया। सोमवार को अब अध्यक्ष इन्हीं बिंदुओं पर पालिकाध्यक्ष डीएम के सामने पेश होकर जवाब देंगे।
कुछ लोग भ्रष्टाचार निवारण समिति बनाकर मुझे मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। खरीद-फरोख्त, ठेके व दूसरे जो भी कार्य हुए हैं, वह नियमानुसार बोर्ड के फैसले तथा प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश से हुए हैं। दस्तखत करने में वह सभासद भी शामिल हैं, जो भ्रष्टाचार का आरोप जड़ रही हैं। सोमवार को डीएम के यहां जवाब देना है, लेकिन मैं चाहता हूं कि सच्चाई जनता के बीच जाए।- विजय कुमार गुप्त, चेयरमैन नपा. फैजाबाद।