गुलाबबाड़ी का बंद पड़ा दरवाजा।
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पुरातात्विक धरोहर गुलाबबाड़ी तक आने-जाने के 16 फिट रास्ते को कब्जा कर उस पर लॉन और रेस्टोरेंट बना दिया गया। समाजवादी विचारक आचार्य नरेंद्र देव की कोठी को ‘कोहिनूर पैलेस’ बनाने वालों ने धरोहर की जमीन पर कब्जा कर लिया।
डीएम के निर्देश पर राजस्व व नजूल विभाग की संयुक्त टीम की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। रिपोर्ट डीएम को भेजने की कार्रवाई चल रही है। अवध के नवाब शुजाउ्दौला का मकबरा (गुलाबबाड़ी) को पुरातत्व विभाग की ओर से धरोहर का दर्जा प्राप्त है।
गुलाबबाड़ी के दक्षिणी परकोटे में एक गेट है, जिसका रास्ता 16 फिट चौड़ा था। गुलाबबाड़ी के दक्षिणी हिस्से से निकला यह मार्ग आगे चलकर रीडगंज-देवकाली मार्ग से मिल जाता था। राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 1451 में यह रास्ता दर्ज है जो कि नजूल भूमि है।
रास्ते की जमीन पर कोहिनूर पैलेस बनाने वालों ने खूबसूरत रेस्टोरेंट व लॉन बना दिया जिसका उपयोग वह व्यावसायिक कार्यों के लिए पिछले कई माह से कर रहे हैं। यह बात दीगर है कि अयोध्या-फैजाबाद विकास प्राधिकरण की ओर से रेस्टोरेंट सील करने की कार्रवाई की गई थी लेकिन उस समय नक्शा स्वीकृत नहीं होने के कारण यह कार्रवाई की गई थी।