अमानीगंज (अयोध्या)। मिल्कीपुर तहसील के अमावा सूफी गांव में माइनर के कटान के चलते सैकड़ों बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलमग्न हो गई है। किसानों को उनकी फसल खराब होने का डर सता रहा है। राजस्व प्रशासन ने जलभराव से होने वाली क्षति की जांच के लिए टीम गठित की है।
शारदा सहायक डबल नहर में रुदौली तहसील के मुजफ्फरा गांव के पास बनी माइनर में बीते 12 जनवरी की रात कटान लग गई। इससे उसका पानी तमसा नदी में पहुंच गया, जिससे लगभग सूख चुकी तमसा का जलस्तर बढ़ने से उसके तटीय क्षेत्रों में बोई गई गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा की रात में घर पर सोए हुए किसान जब सुबह खेत में गए तो उनकी फसलें जलमग्न हो चुकी थी।
मिल्कीपुर तहसील के अमावासूफी गांव के किसान रामगोपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, राम प्रकाश सिंह, कल्लू सिंह, करिया सिंह आदि लोगों ने बताया कि उन लोगों की तमसा के किनारे की फसलें जलमग्न हो गई हैं। मिल्कीपुर के उपजिलाधिकारी अमित जायसवाल ने बताया कि माइनर की कटान को बंद करा दिया गया है। पानी भरने से जिन किसानों की फसलें जलमग्न हुई है उसकी जांच के लिए राजस्व कर्मियों की टीम बनाकर प्रभावित गांव में भेजी जा रही है। क्षतिपूर्ति के लिए शासन द्वारा अनुमन्य सहायता राशि दिलाई जाएगी।
वहीं, रुदौली क्षेत्र के पीड़ित किसानों का कहना है कि अभी नहर में पानी छोड़े 20 दिन भी नहीं हुए, अब तक तीन स्थानों पर माइनर कट चुकी है। मुजफ्फरा, जलालपुर व मांगी चांदपुर में माइनर उफना चुकी है। माइनर उफनाने से सिल्ट सफाई में किए गए फर्जीवाड़े की पोल खुल गई हैं।
रुदौली के किसान राम प्यारे वर्मा, राम प्रकाश वर्मा, अशोक कुमार, राम अधीन, राम दुलारे, श्रीराम, रघुराई, भारत लाल, राम आसरे, ओम प्रकाश, शिव प्रकाश, राधे लाल, राजेंद्र मिश्रा, दृगपाल, जंग बहादुर, माताफेर, अखिलेश कुमार व रामबोध आदि किसानों की गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है।
किसानों ने जेई को फोन के माध्यम से जानकारी दी लेकिन अभी तक नहर विभाग का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर देखने तक नहीं आया। सिंचाई विभाग बाराबंकी के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि सूचना मिली है। मौके पर अवर अभिंयता को भेजा गया है। नहर को बंद करा दिया गया है। माइनर मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए है।