रविवार को इस तरह रेलवे ट्रैक पर छाया रहा कोहरा।
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घने कोहरे और ठंड के चलते रेल ट्रैक पर ट्रेनों व सड़कों पर पहियों की रफ्तार सुस्त हो गयी हैं। सौ किमी की रफ्तार वाले रेलवे ट्रैक पर कोहरे की वजह से ट्रेनों की गति 30 किमी भी नहीं रह गयी है। विजिविलटी सौ मीटर भी नहीं है।
ट्रेनों के आने-जाने का शेड्यूल पूरी तरह बिगड़ गया है। कई ट्रेन को शनिवार को गुजरना था, लेकिन रविवार को मॉडल स्टेशन से गुजरीं। गाड़ियों की लेटलतीफी से दूर क्षेत्र के यात्री स्टेशन पर पड़े रहकर ट्रेनों के आने का इंतजार करते रहे।
पूछताछ कार्यालय के सूचना पट पर इनके आने का समय बढ़ता जा रहा था। रविवार को सर्दी के मौसम में शहर, बाजारें व गांव घने कोहरे की चादर से ढंके रहे। कोहरे की मार दोपहर तक रही। कोहरा बूंद बनकर गिरता रहा।
दिनभर छाई धुंध से भी सड़कों पर वाहनों व रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की पहियों में गति नहीं आ सकी। इस वजह से रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों पर यात्रियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। पूरे दिन आसमान में सूरज साफ नहीं दिखा।
धूप जमीन पर न आने से यात्री, रिक्शा चालक और गरीब ठिठुरते नजर आये। उधर, कोहरे से रेलगाड़ी व बसों से सफर करने वालों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। डाउन देहरादून से हावड़ा दून एक्सप्रेस तीन घंटा, दरभंगा से अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस 21 घंटा, अमृतसर से जयनगर एक्सप्रेस छह घंटा, वाराणसी से जोधपुर मरुधर 14 घंटा, डाउन दिल्ली से आजमगढ़ कैफियात एक्सप्रेस 11 घंटा, अप इंदौर से पटना छह घंटा बाद गुजरी।