हैसियत के अनुसार लोग सस्ते और महंगे आइटमों को खरीदने लगे हैं। कुछ दुकानदारों की ओर से दिया जा रहा डिस्काउंट भी लोगों को आकर्षित करने वाला बन गया है।
चौक क्षेत्र में छोटे-बड़े करीब दो दर्जन सर्राफ और ज्वैलरी मार्ट खुले हैं। इन पर धनतेरस और दीपावली का रंग चढ़ने लगा है। उत्साह चहुंओर देखने को मिल रहा है। एक ओर जहां लोग अपने घरों को सजाने-संवारने में जुटे हैं, वहीं खरीदारी के लिए भी बाजार सज रहे हैं।
पूजन के लिए लोगों का चांदी-सोने के सिक्कों व चांदी के गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों को खरीदने पर अभी अधिक जोर है। दुकानों पर ग्राहकों का आना शुरू हो गया है।
मजे की बात यह भी कि बीते साल की तुलना में इन सभी सामानों के दाम घट चुके हैं। ऐसे में छोटा दुकानदार भी प्रतिदिन बीस से लेकर तीस हजार तो बड़े दुकानदार इन दिनों लाख में खेल रहे हैं।
ज्वैलरी के बजाय निवेश पर जोर
ज्वैलरी के बजाय लोगों का सोने में निवेश के प्रति रुझान बढ़ा है। ब्लॉक हुई कैपिटल किसी के काम आएगी। इससे लोगों की आय बढ़ेगी और निवेश बढ़ेगा। यह केंद्र की एक अच्छी स्कीम है।
-आलोक बंसल, सर्राफ
ज्वैलरी खरीद पर भी जोर
धनतेरस और दीपावली पर इस बार ज्वैलरी खरीदने का फैशन बढ़ा है। हैसियत के हिसाब से लोग छोटा और बड़ा आइटम खरीद रहे हैं। बीते साल के मुकाबले इस बार बिक्री और बढ़ेगी।
-मो. सिराज, ज्वैलर्स
चांदी की खरीद पर अधिक जोर
-धातुओं का भाव गिरने से सोने के साथ चांदी के गहनों और सामानों की बिक्री बढ़ी है। सोने की तुलना में लोग चांदी के सिक्कों और गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति अधिक खरीद रहे हैं।
-गणेश सोनी, सर्राफ
इस साल धातुओं का भाव
नाम धातु बीते साल इस वर्ष
सोना 28 हजार/10 ग्राम 26 हजार/10 ग्राम
चांदी 39 हजार/किलो 36 हजार/किलो
डायमंड 7 हजार से 6 लाख 5 हजार से 5 लाख
चांदी सिक्का एक हजार रुपया 750 रुपया प्रति
सोना सिक्का 29500/10 ग्राम 26500/10 ग्राम
गणेश लक्ष्मी 500 रु. 10 ग्राम 400 रु. 10 ग्राम