अयोध्या। रामनगरी में श्रीराम मंदिर बनने की शुरूआत होते ही शहर व आसपास के जिलों तक जमीन के दाम अचानक आसमान छूने लगे हैं। इसका फायदा कोलोनाइजर्स भी उठा रहे हैं। वे मास्टर प्लान के विपरीत प्रतिबंधित स्थानों पर भी प्लाॅटिंग कर रहे हैं।
इसमें कई जगह निर्माण भी हो रहे हैं। अब अयोध्या विकास प्राधिकरण ऐसी कॉलोनियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने जा रहा है। प्राधिकरण ने ऐसी सभी जगहों का विवरण जुटा लिया है। एक साथ बड़ी कार्रवाई कर इनके ध्वस्तीकरण की योजना बनाई गई है।
विकास प्राधिकरण का क्षेत्र अयोध्या जिले के अलावा बस्ती और गोंडा जिले तक है। वहां भी प्लाॅटिंग के नाम पर यह खेल चल रहा है। ऐसे में विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने वहां टीम भेजकर पूरा परीक्षण करवाया है। इसमें 30 ऐसी कॉलोनियों की प्लाॅटिंग कर दी गई है, जिसका ले-आउट पास नहीं करवाया गया है।
यही नहीं कुछ कॉलोनियां तो मास्टर प्लान में आरक्षित स्थान के विपरीत हैं। इसीलिए प्राधिकरण इन्हें ध्वस्त कराने की तैयारी में है। साथ ही पूर्व में जिस तरह से ध्वस्तीकरण के दौरान राजनीतिक दबाव बना था। उसको लेकर भी अधिकारी इस बार सतर्क हैं।
तैयारी है कि बड़ी संख्या में पुलिस बल व अधिक संसाधनों के साथ एक साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए। ताकि किसी तरह का विरोध होने से पहले ही ज्यादातर अवैध निर्माण ध्वस्त कराए जा सकें।
प्राधिकरण सचिव सत्येंद्र सिंह ने बताया कि शहर को नियोजित ढंग से बसाने के लिए कठोर कदम उठाने से परहेज नहीं किया जाएगा। जहां कहीं भी नियमों के विपरीत निर्माण या प्लाॅटिंग हो रही है। उस पर कार्रवाई की जाएगी।