अयोध्या। महाशिवरात्रि पर रामनगरी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। भक्तों की भीड़ के चलते शहर में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के साथ ही डायवर्जन प्लान लागू किया गया। वहीं, प्रमुख चौराहों पर बैरियर लगाकर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। एसएसपी ने हनुमानगढ़ी व राम की पैड़ी का निरीक्षण कर जवानों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।
भोर की पहली किरण के साथ ही सर्वाथसिद्ध योग व शनि प्रदोष जैसे सुयोगों के संगम में जलाभिषेक करने भक्त उमड़ पड़े। श्रद्धालुओं का रेला सरयू में स्नान के बाद प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, क्षीरेश्वरनाथ महादेव समेत अन्य शिवमंदिरों की ओर बढ़ता रहा। शिवालयों में पूजन-अर्चन व अभिषेक की भारी गहमागहमी रही।
रामपथ निर्माण के चलते सड़क पर फैला मलबा, जगह-जगह जलभराव, धूल का गुबार भी श्रद्धालुओं को परेशान करता रहा, पर उनकी आस्था नहीं डिगी। बड़ी संख्या में स्थानीय भक्तों के साथ ही आसपास के जिलों से आए श्रद्धालुओं ने शिवमंदिरों में अभिषेक किया। देर शाम तक यह सिलसिला चलता रहा। सूत्रों के मुताबिक करीब तीन लाख भक्तों ने रामनगरी में जिलाभिषेक किया।
स्नान-दान के बाद श्रद्धालुओं का सर्वाधिक दबाव पौराणिक महत्व की पीठ नागेश्वरनाथ की ओर रहा। मंदिर अलसुबह चार बजे ही भक्तों के लिए खोल दिया गया। यहां एक बार में 50-50 की संख्या में शिवभक्तों को मंदिर में प्रवेश दिया गया। श्रद्धालुओं ने सरयू जल, दूध, गन्ने के रस से भी भगवान भोले का अभिषेक किया। रामजन्मभूमि के ईशानकोण पर स्थित क्षीरेश्वरनाथ महादेव मंदिर में भी अभिषेक व पूजन के लिए दिन भर लाइन लगी रही। कनक भवन परिसर स्थित कनकेश्वर महादेव, प्राचीन कोटेश्वर महादेव, दुग्धेश्वर महादेव मंदिर पर भी श्रद्धालुओं ने आस्था अर्पित की। महाशिवरात्रि कमेटी धर्मार्थ शिव मंदिर टेढ़ी बाजार चौराहा कजियाना ने भव्य जागरण का आयोजन किया है, वहीं टेढ़ीबाजार से धर्मकांटा तक भगवा रंग से सराबोर कर झिलमिल झालरों से सजाया गया है।
शहर के झारखंडी मोहल्ले के झारखंडेश्वर मंदिर में शिवरात्रि की धूम रही। कंधारी बाजार के सोमश्वर मंदिर, लालबाग स्थित बिरई शिवमंदिर पर शिवभक्तों की भीड़ रही।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी महाशिवरात्रि पर भोले शंकर की भक्ति देखते ही बनी। अमानीगंज विकासखंड मुख्यालय पर भव्य शिव बरात निकाली गई। प्रमुख प्रतिनिधि पवन सिंह ने झंडा दिखाकर बरात रवाना की।
क्षेत्र के सिद्धनाथ मंदिर, 84 कोसी पड़ाव स्थल बाबा चतुर गिरिश्वर महादेव, च्यवनऋषि आश्रम कुंदुरखा कला में स्थित पौराणिक शिवाला में दर्शन-पूजन को तांता रहा। शाहगंज में प्राचीन सिद्धेश्वर नाथ शिव मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर रमपुरवा, प्राचीन शिव मंदिर नियाई आदि में अभिषेक पूजन को दिन भर भक्त आते रहे। कई स्थानों पर रामायण पाठ, भंडारा व मेले का आयोजन किया गया। शाहगंज बाजार में स्थित प्रसिद्ध सिद्धेश्वर नाथ मंदिर से आकर्षक झांकी के साथ शिव बरात निकाली गई। बीकापुर ब्लॉक के तोरो माफी में स्थित रामायण कालीन धार्मिक स्थल सीता कुंड पर स्थित दूधेश्वर नाथ मंदिर पर पारंपरिक मेले का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं द्वारा पवित्र सरोवर की परिक्रमा करके दूधेश्वर नाथ मंदिर, राम जानकी मंदिर हनुमानगढ़ी में भी दर्शन-पूजन किया गया। गांव में शोभायात्रा भी निकाली गई। रुदौली विधानसभा के अंतर्गत हसनामऊ गांव मंदिर में दिन भर जयकारे गूंजते रहे।