अयोध्या। जिले में तैनात अफसर भले ही इस शहर की जरूरतों को बेहतर समझने का दावा करते हों, लेकिन लखनऊ में बैठे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामनगरी की जरूरतें कहीं बेहतर आंकते हैं। रविवार को अयोध्या विजन डाक्यूमेंट 2047 की समीक्षा में यह साफ नजर आया।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में निर्माणाधीन अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) भविष्य के लिए पर्याप्त नहीं है, इसलिए इसे हाईवे के दोनों ओर बनाया जाए। साथ ही सोलर सिटी को बढ़ावा देने के लिए अयोध्या में सोलर पार्क भी बनाएं।
अयोध्या भ्रमण के बाद मंडलायुक्त कार्यालय में यह बैठक 2:20 बजे से निर्धारित थी और इसे 3:30 बजे तक चलना था। मगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करीब दो बजे ही मीटिंग में आकर बैठ गए और करीब 3:50 बजे तक बैठक चलती रही।
बैठक में सीएम ने विभागवार अफसरों से चल रही 32 हजार करोड़ की परियोजनाओं की प्रगति का विवरण लिया। फिर कहा कि सारे काम समय पर हो जाने चाहिए। इसके लिए तीन शिफ्ट में 24 घंटे काम कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनवमी के लिए सारी तैयारियां कर ली जाएं। साफ-सफाई से लेकर पेयजल, टॉयलेट और चेंजिंग रूम पर्याप्त संख्या में हों। सड़कें इस तरह से हों कि श्रद्धालुओं के पैर में कंकड़ न चुभें।
मंडलायुक्त गौरव दयाल ने आश्वस्त किया कि सारे निर्देशों का पूरी तरह से पालन होगा। इससे पहले मंडलायुक्त और एडीए उपाध्यक्ष ने चल रहे कार्यों का प्रजेंटेशन दिया। एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया व आईजी जोन प्रवीण कुमार ने रामजन्म भूमि के सुरक्षा प्रबंध की जानकारी दी।
शहर में पार्किंग पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने बैठक में साफ कहा कि शहर में सरकारी व निजी पार्किंग की संख्या ज्यादा से ज्यादा हो। ताकि किसी की पर्व या विशेष अवसर पर पार्किंग की समस्या न आए।