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बीएसए कार्यालय में बदइंतजामी पर दो सस्पेंड, 30 का वेतन रोका

Wed, 27 Jul 2016 10:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
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जीजीआईसी में बच्चों से संवाद करते प्रमुख सचिव। - फोटो : अमर उजाला
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प्रमुख सचिव माध्यमिक व उच्च शिक्षा जितेंद्र कुमार ने बुधवार को बीएसए कार्यालय में घोर अव्यवस्थाएं पकड़ीं। सेक्शन के कार्य, दस्तावेज समेत शिक्षकों की जीपीएफ बुक समेत तमाम कागजात बेहद खराब हालत में मिले।
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इससे नाराज प्रमुख सचिव ने वित्त एवं लेखाधिकारी और उनके वरिष्ठ सहायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फरमान सुनाया। यही नहीं बीएसए दफ्तर के सभी 30 कर्मचारियों का जुलाई का वेतन भी रोकने का आदेश दिया है।  

प्रमुख सचिव ने सुबह सबसे पहले बेसिक शिक्षा कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। लेखा विभाग के कार्यों की पड़ताल शुरू की तो सेक्शन का कार्य बहुत ही असंतोषजनक, कार्यालय में दस्तावेजों और अंबेडकरनगर जिले के अध्यापकों आदि की जीपीएफ बुक सहित अन्य दस्तावेज अत्यंत खराब स्थिति में मिले।
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प्रमुख सचिव ने यहां तैनात वित्त एवं लेखाधिकारी एके उपाध्याय को फटकार लगाते हुए निलंबित करने का आदेश दिया। कार्यालय मेें तैनात वरिष्ठ सहायक ओमप्रकाश शुक्ला द्वारा मार्च से अभी तक कोई कार्य न किए जाने पर उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

निर्देश दिया कि बेसिक शिक्षा कार्यालय में किसी भी अधिकारी व कर्मचारी का जुलाई का वेतन तब तक आहरित न किया जाये जब तक कार्यालय के पुराने दस्तावेजों, रजिस्टर आदि की वीडिंग आउट करने की प्रक्रिया पूर्ण न हो जाए। डीएम किंजल सिंह ने भी निरीक्षण के दौरान सभी कमरों में पत्रावलियों के बेहद खराब रखरखाव पर कड़ी फटकार लगाई।

कहा कि अभी तक इतनी खराब स्थिति किसी भी कार्यालय की नहीं देखी। कस्तूरबा बालिका विद्यालयों के लिए मेज, गद्दे, चादर तकिया आदि को शीघ्र क्रय का निर्देश दिया। अलमारियों के ऊपर कपड़े की पोटलियों में पुरानी पत्रावलियां व अन्य रिकॉर्ड बंधे पाए जाने पर उन्हें उतरवाया। उनकी वीडिंग आउट की प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरा करने के लिए कहा।

बीएसए कार्यालय में 30 लिपिक कार्यरत हैं लेकिन कार्य आवंटन, वर्कचार्ट भी नहीं मिला। कहा कि यह लापरवाही का प्रतीक है। इस पर सभी कर्मचारियों का जुलाई का वेतन रोकने का आदेश दिया। प्रमुख सचिव ने यह भी कहा कि सभी रिटायर्ड अध्यापकों व अन्य कर्मचारियों की पेंशन, जीपीएफ व अन्य देयकों का समय से भुगतान किया जाए।

अन्यथा संबंधित अधिकारी, कर्मचारी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सीडीओ अरविंद मल्लप्पा बंगारी, पीडी डीआरडीए अश्विनी कुमार मिश्र, बीएसए पन्नालाल गुप्ता मौजूद थे।
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