रामनवमी मेले में बुधवार शाम नगर पालिका और प्रशासन के दस्ते ने नयाघाट क्षेत्र में मुख्य मार्ग से अतिक्रमण हटाने के लिए जैसे ही दुकानों के अगले हिस्से पर बुलडोजर चलाए, दुकानदार सड़क पर उतर आए। हनुमानगढ़ी के आसपास और मुख्य मार्ग की दुकानें बंद कराने लगे, जिसकी सूचना पर फोर्स ने जमकर लाठियां भांजी।
इस दौरान कई लोग घायल हो गए। प्रदर्शन कर रहे कुछ व्यापारियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया था। इस दौरान सड़क और बाजार में मची भगदड़ से मेले में आए श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। किसी तरह प्रशासन ने लोगों को संभाला। बाद में देर शाम प्रशासन व व्यापारियों के बीच हुई वार्ता के बाद मामला शांत हुआ और कड़ी सुरक्षा में दुकानें खुल गईं।
रेजीडेंट मजिस्ट्रेट गिरीश श्रीवास्तव व ईओ नगर पालिका पूजा त्रिपाठी टीम के साथ बुधवार शाम करीब चार बजे नयाघाट में मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण हटवाने लगे। तभी व्यापारी इसका विरोध करते हुए एकजुट हो सड़क पर आ गए। जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए व्यापारियों का समूह हनुमानगढ़ी, श्रंगारहाट, डाकखाना, नयाघाट आदि बाजारों को बंद कराने लगे।
देखते ही देखते मेला क्षेत्र में दुकानों के शटर गिर गए, श्रद्धालु भी हालात से घबरा धर्मशाला व होटलों की ओर रुख करने लगे। व्यापारियों के विरोध को देखते हुए एसपी सिटी संकल्प शर्मा उनको दुकानें खोलने का अनुरोध करने लगे। राजसदन के पास व्यापारियों के एक समूह से उनकी झड़प हो गई तो पुलिस ने लाठियां भांज भीड़ को तितर-बितर किया।
इस दौरान कुछ व्यापारियों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। देर शाम कोतवाली में एसएसपी मोहित गुप्त, एसपी सिटी के साथ व्यापारी नेताओं बृजकिशोर गुप्त, अचल गुप्त, नंदलाल गुप्त, बालकृष्ण वैश्य आदि से वार्ता हुई।
इसमें अफसरों ने मेले के दौरान अतिक्रमण अभियान स्थगित करने लेकिन मेले के बाद व्यापारियों से नालियों से अतिक्रमण हटा लेने की बात कही, साथ ही हिरासत में लिए गए व्यापारियों को छोड़ दिया गया। इसके बाद व्यापारी शांत हुए और दुकानें खुल गईं। एसएसपी ने कहा कि अब स्थिति शांत है, दुकानें खुल गई हैं।
उधर ईओ पूजा त्रिपाठी का कहना है कि अतिक्रमण हटाने को लेकर पूर्व में ही व्यापारियों को आगाह किया गया था। रामनवमी मेले के मुख्य पर्व के मद्देनजर बुधवार को मुख्य मार्ग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई पर व्यापारियों ने पीछे की कुछ दुकानों को छोड़ देने का आरोप लगाने लगे, जिस पर हंगामा शुरू हो गया।