पंचायतों से संबंधित नई योजना, परियोजना की घोषणा के साथ वित्तीय स्वीकृति या धन आवंटन नहीं किया जा सकेगा। वोट डालने जाने के लिए कोई भी व्यक्ति अपने वाहन का प्रयोग मतदान केंद्र के 100 मीटर दूर तक ही कर सकेगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता के तहत छह बिंदुओं में विस्तृत निर्देश जारी किया है। इनमें सामान्य आचार संहिता, चुनाव प्रचार, सभा और जुलूस, मतदान दिवस पर उम्मीदवारों व अभिकर्ता के पालन के लिए, सत्ताधारी दल और शासकीय विभागों के अफसर एवं कर्मियों को दिए गए निर्देश शामिल हैं।
बगैर भूमि, भवन स्वामी की अनुमति के झंडा, बैनर नहीं लगाया जाएगा। चुनाव प्रचार के लिए वाहनों के प्रयोग के पहले जिला प्रशासन से अनुमति प्राप्त करनी होगी। इसके साथ ही आम लोगों से राजनीतिक दलों, सरकारी कर्मचारियों, प्रत्याशियों, उनके एजेंटों आदि के पालन के लिए आचार संहिता जारी की गई है। जिला प्रशासन ने इनके पालन के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी सूर्यभान का कहना है कि आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। ये निर्वाचन अवधि में लागू रहेगी। निर्वाचन अवधि में ऐसा कोई कार्य नहीं किया जाएगा। जिससे किसी धर्म, संप्रदाय, जाति या सामाजिक वर्ग एवं राजनीतिक दल सहित उम्मीदवार या कार्यकर्ता की भावना आहत हो।
उम्मीदवार की आलोचना नीति, कार्यक्रम, पूर्व के इतिहास व कार्य के संबंध में की जा सकती है। व्यक्ति जीवन से जुड़े पहलुओं पर आलोचना नहीं की जाएगी। वोट प्राप्त करने के लिए पूजा स्थलों का उपयोग नहीं किया जाएगा।
मतदाता को रिश्वत देकर या डरा-धमकाकर या आतंकित करके अपने पक्ष में मत देने के लिए प्रभावित नहीं किया जाएगा। मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार का मादक द्रव्य नहीं बांटेगा। ये भ्रष्ट आचरण/अपराध माना जाएगा।
चुनाव प्रचार के लिए लाउडस्पीकर एवं साउंड बॉक्स का प्रयोग रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। टीवी चैनल/केबिल नेटवर्क/वीडियो वाहन या रेडियो से किसी प्रकार का विज्ञापन/प्रचार जिला प्रशासन की अनुमति के पश्चात ही होगा।
सभा, रैली, जुलूस का आयोजन जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति लेकर होगा। मतदान के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पूर्व सार्वजनिक सभा व चुनाव प्रचार बंद कर दिया जाएगा। मतदाताओं को पहचान पर्चियां सादे कागज पर दी जाएंगी। इन पर कोई प्रतीक या उम्मीदवार का नाम नहीं होगा।
प्रत्याशी निर्धारित चुनाव व्यय से ज्यादा नहीं खर्च करेंगे। जिले के बाहर के व्यक्ति मतदान के 48 घंटे पहले जिला छोड़ देगा। दैवीय आपदा एवं मानवजनित दुर्घटना में दी जाने वाली सहायता राशि पर प्रतिबंध नही होगा। केंद्र या राज्य सरकार के मंत्री किसी मतदान केंद्र पर मतदाता होने के अतिरिक्त अन्य किसी हैसियत से प्रवेश नहीं करेंगे।
अधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। अपरिहार्य परिस्थिति में राज्य निर्वाचन आयोग की अनुमति से स्थानांतरण हो सकेंगे। सुरक्षा में लगे अफसर व कर्मचारी के सिवाय अन्य शासकीय अधिकारी व कर्मचारी किसी मंत्री के साथ चुनाव में उनके साथ नहीं जाएंगे।