प्रदेश सरकार की कर्मचारी विरोधियों नीतियों को लेकर डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विवि कर्मचारी परिषद एवं संघ के सदस्यों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि संगठन की ओर से सरकार के समक्ष तीन सौ दिवसों के नकदीकरण, वेतन विसंगति दूर करने, कर्मचारियों का समायोजन समेत अन्य मांगें रखी गईं लेकिन उनका निराकरण नहीं हुआ।
विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष अनूप सिंह ने बताया कि सूबे की सरकार ने विश्वविद्यालय की ओर से मिल रही सुविधाओं को भी छीन लिया। कर्मियों को तीन सौ दिनों के अवकाश नकदीकरण की सुविधा अनुमन्य थी।
सरकार कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। परिषद के महामंत्री डा. वीरेंद्र वर्मा ने कहा कि अब आर-पार की लड़ाई का समय आ गया है। 13 जनवरी तक काली पट्टी बांध विरोध जताया जाएगा।
20 जनवरी को कलम बंद हड़ताल, दो फरवरी को सांकेतिक हड़ताल होगी। फिर भी मांगे ने मानी गईं तो सात फरवरी से कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चल जाएंगें।
इस दौरान डॉ. राजेश सिंह, सैय्यद हम्माद अकबर, लाल बाबू, तेज बहादुर, गणेश राय, रामजी सिंह, योगेश श्रीवास्तव, सचिन पांडेय समेत अन्य शामिल रहे।