अयोध्या। माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों की बायोमीट्रिक प्रणाली से हाजिरी की व्यवस्था फिर से शुरू कराई जाएगी। शासन ने यह व्यवस्था सख्ती से लागू कराने के लिए डीआईओएस को निर्देशित किया है। साथ ही व्यवस्था संचालन की निगरानी के लिए भी निर्देश दिया गया है। मालूम हो कि कोरोना काल के बाद से ऐसे विद्यालयों में यह व्यवस्था ठप चल रही है।
जिले में 24 राजकीय स्कूलों के अलावा 50 सहायता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। यहां पर शिक्षकों के देर से आने व जल्दी जाने की प्रथा पर अंकुश लगाने के लिए वर्ष 2016 में ही सरकार ने बायोमीट्रिक प्रणाली से शिक्षक-कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था बनाई थी।
शुरुआती दौर में इसका अनुपालन कराने में काफी कठिनाई हुई। स्कूलों में व्यवस्था संचालन के लिए बजट का रोना रहा, लेकिन सख्ती के बाद देर-सबेर अधिकांश स्कूलों ने व्यवस्था कर ली। यह प्रणाली कुछ समय तक चली, लेकिन कोरोना महामारी के दौर में संक्रमण फैलने की आशंका में बायोमीट्रिक प्रणाली ठप हो गई और उपस्थिति दर्ज कराने की प्रक्रिया पुराने ढर्रे पर आ गई।
शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने 27 फरवरी को जिला विद्यालय निरीक्षक व संयुक्त शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
फार्ब्स इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रियाल अहमद ने बताया कि कोरोनाकाल तक बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज हुई है। निर्देशों के अनुपालन में फिर सक्रिय किया जाएगा। एमएलएमएल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश राव ने कहा कि कोरोना काल से मैनुअल हाजिरी ली जा रही थी। अब बायोमीट्रिक व्यवस्था फिर लागू की जाएगी।
सभी सहायता प्राप्त विद्यालयों में बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था संचालित करने का निर्देश मिला है। सभी प्रधानाध्यापकों को आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अवगत कराया गया है। बीच-बीच में निरीक्षण भी किया जाएगा।
-राजेंद्र कुमार पांडेय, डीआईओएस