इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू
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मंडल कारागार में निरुद्ध इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू को प्रदेश से बाहर जाने के लिए कोर्ट से अनुमति लेनी होगी। खब्बू को आवश्यकता पड़ने पर अपीलीय न्यायालय में उपस्थित भी होना पड़ेगा व समान प्रकृति के अपराध में फिर शामिल नहीं होंगे।
इन्हीं तीन शर्तों के साथ बुधवार को अपर जिला जज तृतीय अशोक कुमार दुबे ने खब्बू तिवारी की रिहाई कागजात जेल भेेजे। इसके बाद 11 माह बाद जेल से निकले खब्बूू के स्वागत के लिए हजारों की संख्या में समर्थक उमड़ पड़े।
जेल से रिहा होने के बाद खब्बू तिवारी ने हनुमंतलला के दरबार में भी हाजिरी लगाई। फर्जी अंकपत्र के सहारे दूसरी कक्षा में प्रवेश लेने के मामले में इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू को 18 अक्तूबर 2021 को अपर जिला जज पूजा सिंह ने पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
इसके बाद उनकी जमानत अपीलीय न्यायालय द्वारा निरस्त कर दी गई तब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी। वहां से उन्हें 12 सितंबर को सशर्त जमानत पर छोड़ने का आदेश हुआ।
अधिवक्ता पवन तिवारी ने बुधवार को शपथ पत्र के साथ पर जिला जज तृतीय अशोक कुमार दुबे की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने 50 हजार की दो जमानत और समान धनराशि का बंधपत्र दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया।
जेल से रिहा होने के बाद पूर्व विधायक खब्बू तिवारी ने भाजपा नेता विकास सिंह, प्रधान श्यामी दुबे, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा अवधेश पांडेय बादल, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह समेत सैकड़ों समर्थकों के साथ हनुमंतलला के दरबार में हाजिरी लगाई।