बार एसोसिएशन की बैठक में शुक्रवार को कई फैसले लिए गए। बार मंत्री विनोद पांडेय के किसी भी खरीद-फरोख्त पर अध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। उनके कार्यकाल के दौरान हुए खर्च के लिए पूर्व अध्यक्ष के नेतृत्व में जांच समिति गठित की गई है।
मंत्री से समस्त रजिस्टर लेकर संयुक्त मंत्री की अभिरक्षा में देते हुए उनको मंत्री की हर कार्रवाई की निगरानी के लिए कहा गया है। संघ भवन में जितने लोगों के फोटो हटाए गए हैं, सब लगवाने की घोषणा भी अध्यक्ष ने की है।
बार के पूर्व अध्यक्ष पीसी ओझा के प्रकरण में शुक्रवार को बार की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में वकीलों ने मंत्री के मनमाने कृत्य पर उनके द्वारा किए गए कार्यों की जांच की मांग की। बैठक काफी हंगामेदार रही, इस दौरान मंत्री और एक अधिवक्ता से झड़प भी हुई।
वकीलों ने संघ भवन में पुताई के पहले लगी वकीलों की सभी तस्वीरों को लगवाने की भी मांग की। घंटे भर चली बैठक में चर्चा के बाद संघ के अध्यक्ष ने मंत्री के किसी भी खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी।
अध्यक्ष बब्बन चौबे ने बताया कि मंत्री निर्वाचित होने के बाद उन्होंने कितना व्यय किया है उसकी जांच के लिए बार के पूर्व अध्यक्ष रंजीत बहादुर सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी गठित की है।
इसमें बार उपाध्यक्ष सुनील सिंह, पूर्व मंत्री हिमांशु श्रीवास्तव त्रिलोकीनाथ दुबे को शामिल किया है। जांच कमेटी को 24 फरवरी तक अपनी रिपोर्ट देनी है।
मंत्री से समस्त रजिस्टर लेकर उसे संयुक्त मंत्री रवींद्र वर्मा को दे दिया गया है। पदभार ग्रहण करने के समय जो तस्वीरें लगाई गई थीं उन्हें फिर से लगवाया जाएगा।