फैसला विशेष न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनियम मोहम्मद अली की अदालत से हुआ। मामला कैंट थाने से जुड़ा है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता साहिर नईम सफवी ने बताया कि बांग्लादेश के जिला कुश्तियां के गांव कोमला जैनीपुर खोक्सा की रहने वाली शर्मिला खातून खुर्दाबाद के रहने वाले रामतीरथ यादव के साथ 24 साल पहले शादी करके रुपाली यादव बन गई।
छह माह पहले इस परिवार में मोहम्मद सरवर निवासी जीरागौरा थाना कमालगंज जिला फर्रुखाबाद आया और रहने लगा। दोनों ने मिलकर 5 अप्रैल 2012 को रामतीरथ की हत्याकर शव बोरे में भरकर जमथरा के पास फेंक दिया था।
इसका खुलासा होने पर सरवर, रुपाली व शहर के नियावां निवासी रणवीर सिंह, हसनू कटरा निवासी गुड्डू मुसलमान, दिल्ली दरवाजा निवासी शकील अहमद के खिलाफ लिखाई गई थी।
विवेचना के बाद पुलिस ने रुपाली व सरवर के खिलाफ आरोप पत्र भेजा। अन्य की नामजदगी गलत पाई गई। सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को हत्या करके लाश छिपाने व रुपाली को विदेशी अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।