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महिला ने एंबुलेंस में जना बच्चा, मौत

Wed, 25 May 2016 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
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एंबुलेंस का हूटर - फोटो : अमर उजाला
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डीएम की तमाम सख्ती के बावजूद मंगलवार को सीएचसी मसौधा में सुबह 8:30 बजे तक डॉक्टर नहीं होने से एक नवजात शिशु की मौत हो गई। एंबुलेंस में ही दर्द से बेहोश महिला ने बच्चे को जन्म दिया था।
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डॉक्टर न होने से उसी एंबुलेंस से महिला को जिला महिला अस्पताल लाया गया, जहां बेहाली की हालत में मेडिकल कालेज लखनऊ रेफर किया गया है। सीएचसी मसौधा में चिकित्सा अधीक्षक समेत पांच डॉक्टर तैनात हैं।

अस्पताल आने का समय 8 बजे तय है। बताते हैं कि कैंट थाना क्षेत्र के गोदौली निवासी राजकरन की पत्नी राधा (22) को सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो समाजवादी एंबुलेंस को कॉल किया गया। इसके पहले घर पर आधा बहु इंद्रावती मौर्या पहुंच गई।
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इंद्रावती ने बताया कि एंबुलेंस के लिए आधा घंटे तक कई बार कॉल करना पड़ा। मसौधा से एंबुलेंस न मिलने पर जिला अस्पताल फोन कर किसी तरह 102 नंबर की एंबुलेंस आई। परिवारीजनों के साथ महिला को लेकर मसौधा पीएचसी रवाना हुई, तो रास्ते में ही महिला दर्द से बेहोश हो गई।

जब महिला को पीएचसी पर उतारा जाने लगा तो वह एक शिशु को जन्म दे चुकी थी। शिशु में कोई हरकत नहीं थी। अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं आया था, जबकि प्रसूता की हालत बेहद खराब हो रही थी। बच्चे की सांसें भी थम चुकी थी। फिर उसी एंबुलेंस से जिला महिला अस्पताल लेकर आई।

 बताते हैं कि यहां आने पर चिकित्सक ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया और साढ़े नौ बजे प्रसूता को भर्ती किया गया। प्रसूता को लगातार ब्लीडिंग हो रही थी। और तो और महिला पहले से ही रक्ताल्पता का शिकार थी। जांच में महज 7.8 ग्राम हीमोग्लोबिन पाया गया।

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुषमा गुप्ता ने प्रसूता का इलाज किया, लेकिन उसकी ब्लीडिंग बंद नहीं हो रही थी। महिला की हालत बिगड़ता देख उसे लखनऊ रेफर कर दिया। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. नीरजामाला का कहना है कि प्रसूता को मसौधा से होकर एंबुलेंस ले आई है।
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उसकी हालत ठीक नहीं थी। मरीज के बारे में उसकी सास सोना देवी और आशा बहू इंद्रावती को सब कुछ बता कर लखनऊ रेफर किया गया है।
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