अयोध्या। कोरोना महामारी के चलते विगत डेढ़ माह से भक्तों से सूनी रही रामनगरी अब अपनी रौ में लौटने लगी है। ज्येष्ठ मास के दूसरे मंगलवार को बड़ी संख्या में भक्त उमड़े। सरयू तट से लेकर हनुमानगढ़ी व रामजन्मभूमि क्षेत्र में भक्तों का तांता लगा रहा।
करीब दो माह बाद ज्येष्ठ मास के दूसरे मंगलवार पर रामनगरी के मठ-मंदिर भक्तों से गुलजार हुए। रामजन्मभूमि व हनुमानगढ़ी क्षेत्र के जिन गलियों में सन्नाटा पसरा था, मंगलवार को वहीं जय श्रीराम व हनुमंतलला के जयकारे गूंज रहे थे।
रामनगरी की धार्मिक आभा जो कि कोरोना काल में मद्धिम पड़ गई थी वह फिर से चमक उठी। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में सुबह चार बजे से ही दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का तांता लग गया। हनुमानगढ़ी के प्रवेश द्वार से लेकर सीढ़ियां पर खचाखच भीड़ रही।
भीषण गर्मी व तेज धूप भी भक्तों की आस्था नहीं डिगा पाई। घंटों धूप में खड़े रहकर भक्त अपनी बारी का बेसब्री से इंतजार करते दिखे। इस दौरान भक्तों को रोक-रोक कर दर्शन-पूजन कराया जाता रहा, प्रवेश व निकास मार्ग अलग-अलग बनाए गए थे।
हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। करीब 30 हजार भक्तों ने हनुमंत लला के दरबार में हाजिरी लगाई।
रामलला, कनकभवन, दशरथमहल में भी दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। वहीं महीने बाद सरयू के घाट भी भक्तों से गुलजार हुए। सरयू में स्नान के लिए भी भक्तों की भारी भीड़ जुटी रही।
वहीं अयोध्या में उमड़ी भारी भीड़ के चलते मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। पुलिसकर्मी जाम छुड़ाने को जूझते नजर आए। अनलॉक में मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जो नए नियम बनाए गए थे, ज्येष्ठ मास के दूसरे मंगलवार पर उनकी धज्जियां उड़ती दिखीं।
अयोध्या में उमड़ी हजारों भक्तों की भीड़ के चलते कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने में प्रशासन असहाय नजर आया। पांच-पांच कर दर्शन करने की व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।
रामनगरी के सरयू तट से लेकर हनुमानगढ़ी क्षेत्र में भक्तों का तांता लगा रहा, हर कदम पर सामाजिक दूरी टूटती नजर आई। ज्येष्ठ मास के मंगलवार पर रामनगरी में भक्तों का तांता लग जाता है, बावजूद इसके प्रशासन की कोई तैयारी नहीं दिखी।
आलम यह रहा कि हनुमानगढ़ी परिसर हजारों भक्तों की भीड़ से खचाखच भरा रहा। पौराणिक पीठ नाका हनुमानगढ़ी में ज्येष्ठ मास के दूसरे मंगलवार पर बड़ी संख्या में भक्तों ने दर्शन-पूजन किया।
पीठ के महंत रामदास ने बताया कि सुबह मंदिर को सैनिटाइज करने के बाद मंदिर खोला गया। ज्येष्ठ मास के मंगलवार के पुनीत अवसर पर हनुमंतलला को केले व आम का भोग लगाया गया।
इस दौरान उमड़े भक्तों ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके अलावा कोरोना के शमन की कामना से सुंदरकांड का पाठ कर हवन भी किया गया। शाम की आरती में भक्तों की भक्ति चरम पर दिखी।