अयोध्या। रामनगरी का विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा के अनुरूप होगा। इसके लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण की कंसलटेंट टीम की ओर से बनाए जा रहे विजन डाक्यूमेंट में प्रधानमंत्री के अयोध्या के विकास संबंधी विचारों को समाहित किया जाएगा। कंसलटेंट टीम प्रधानमंत्री के विचार उनके अयोध्या के विकास संबंधी विभिन्न भाषणों के अंशों से लेगी। साथ ही अयोध्या विकास प्राधिकरण की कंसलटेंट टीम प्रधानमंत्री से मिलकर अयोध्या के विकास पर चर्चा करने की भी कोशिश में है।
अयोध्या के 84 कोस को विश्वस्तरीय आध्यात्म मेगा सिटी बनाने के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण कार्य कर रहा है। इसमें प्राधिकरण ने कनाडा की एलई नामक ग्लोबल कंसलटेंट नियुक्त की है। कंसलटेंट टीम एलई अपने दो सहयोगी कंपनी सीपी कुकरेजा व एल एंड टी के साथ अयोध्या का विजन डाक्यूमेंट तैयार करने के साथ 21 विकास कार्यों का डीपीआर बनाएगी। मौजूदा समय में अयोध्या का विजन डाक्यूमेंट बनाने का कार्य चल रहा है। इसके लिए तीनों कंसलटेंट टीम विभिन्न धार्मिक, सामाजिक व स्वयंसेवी संगठनों समेत के विचारों को संकलित कर रही है।
अब तक कंसलटेंट टीम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, श्रीराम मंदिर निर्माण समिति समेत विभिन्न स्वयं सेवी संगठनों से मिलकर अयोध्या के विजन डाक्यूमेंट पर चर्चा कर चुकी है। अब कंसलटेंट टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को विजन डाक्यूमेंट में समाहित करने की तैयारी में है। विजन डाक्यूमेंट के लिए अयोध्या के विकास संबंधी प्रधानमंत्री के भाषणों को एकत्र किया जा रहा है। इसमें खासतौर राममंदिर के भूमिपूजन के दौरान अयोध्या आए प्रधानमंत्री के भाषणों को देखा व सुना जा रहा है।
इसके साथ अयोध्या के लिए प्रधानमंत्री के दिए गए अन्य संदेशों व भाषणों को देखा जा रहा है। इन तमाम भाषणों से अयोध्या के विकास संबंधी प्रधानमंत्री के विचारों को एकत्र कर विजन डाक्यूमेंट में जोड़ा जाएगा। साथ ही यह भी कोशिश जारी है कि अयोध्या के विजन डाक्यूमेंट के लिए प्रधानमंत्री से मिलकर चर्चा कर ली जाएगी। हालांकि यह तभी होगा, जब भाषणों से विजन डाक्यूमेंट के लिए पूरे तथ्य नहीं मिल पाएंगे।
अयोध्या के विजन डाक्यूमेंट से अयोध्या के विकास की तस्वीर तय होनी है। इसमें समस्त धार्मिक, सामाजिक व स्वयं सेवी संगठनों समेत विभिन्न लोगों से बातचीत की जा रही है। समस्त बातचीत के अंशों को एकत्रित कर अयोध्या के विकास का एक निष्कर्ष निकाला जाएगा। यही निष्कर्ष अयोध्या के विकास का विजन डाक्यूमेंट होगा और इसी के आधार पर अयोध्या के विकास की रूपरेखा तय होगी। इसमें अयोध्या की सड़कें, पुल, सरयू के किनारे घाटों का निर्माण, पांच कोसी, 14 कोसी व 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का सुंदरीकरण, आवागमन की सुविधाएं समेत अन्य कार्य शामिल हैं। इसके नौ विशेष डीपीआर तैयार किए जाएंगे। यही नौ डीपीआर अयोध्या के विकास को मूलरूप देंगे।
अयोध्या के विकास का विजन डाक्यूमेंट तैयार हो रहा है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को भी विजन डाक्यूमेंट में शामिल किया जाना है। इसके लिए प्रधानमंत्री के भाषणों को सुना व देखा जा रहा है। यदि जरूरत पड़ती है तो प्रधानमंत्री से अयोध्या के विकास पर चर्चा की कोशिश की जाएगी।- विशाल सिंह, वीसी अयोध्या विकास प्राधिकरण