अयोध्या-पंप बंद होने से घटने लगा राम की पैड़ी का जलस्तर
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अयोध्या। राम की पैड़ी का अविरल जल प्रवाह एक बार फिर 21 दिनों तक थम जाएगा। हालांकि, इस बार किसी तकनीकी कमी की वजह से पैड़ी की अविरलता नहीं प्रभावित होगी। दरअसल, राम की पैड़ी के दूसरे चरण का कार्य पूरा करने के लिए पैड़ी के पंपों को बंद कर दिया गया है। डाउन स्ट्रीम में स्केप चैनल का अधूरा कार्य पूरा करने के लिए 16 जनवरी से पांच फरवरी तक राम की पैड़ी के पंप बंद रहेंगे।
राम की पैड़ी का निर्माण वर्ष 1983 से 1988 के बीच कराया गया था। पहले यहां पर दो स्टेज पंपिंग व्यवस्था पर जल का प्रवाह था। पहले पंप से सरयू नदी से 40 क्यूसेक पानी राम की पैड़ी डिलीवरी चैनल में डाला जाता था। इसके बाद राम की पैड़ी मुख्य चैनल से होते हुए डिस्पोजल चैनल में स्थापित पंप हाउस स्टेज 2 से पानी लिफ्ट कर स्केप चैनल के माध्यम से फिर से सरयू में डाल दिया जाता था।
पूरी तरह पंपों पर आधारित होने के कारण मुख्य चरण में जल का अविरल प्रवाह नहीं हो पाता था, जिसके परिणाम स्वरूप मुख्य चैनल में अत्यधिक सिल्ट और अन्य तरह की गंदगी जम जाती थी। कम समय में अधिक सिल्ट जमने की वजह से बीच-बीच में जल प्रवाह को रोकना पड़ता था। जिसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर राम की पैड़ी की रिमॉडलिंग की गई। राम की पैड़ी में पहले पंप की क्षमता 40 क्यूसेक थी जिसे बढ़ाकर 240 क्यूसेक कर दिया गया।
40-40 क्यूसेक के छह पंप स्थापित किए जाने के बाद राम की पैड़ी की अविरलता सुनिश्चित की गई। इसके बाद दो स्केप चैनल सहित 495 मीटर घाट का भी निर्माण शुरू कराया गया। जिसका परिणाम रहा कि दीपोत्सव में राम की पैड़ी की अविरलता आकर्षण का केंद्र रही। अब राम की पैड़ी की रिमॉडलिंग के अवशेष कार्य को पूरा करने का काम भी शनिवार से शुरू कर दिया गया है। जो पांच फरवरी तक चलेगा, इस दौरान राम की पैड़ी के पंप बंद रहेंगें।
राम की पैड़ी के रिमॉडलिंग कार्य के तहत पैड़ी के डाउन स्ट्रीम में स्केप चैनल के अवशेष कार्य को पूरा करने के लिए पैड़ी में जलप्रवाह को बंद करना पड़ रहा है। जलप्रवाह बंद होने के बाद ही स्केप चैनल का तकनीकी काम संभव हो सकेगा, इसलिए 16 जनवरी से 5 फरवरी तक पैड़ी के सभी पंपों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। काम पूरा करते ही राम की पैड़ी का अविरल जलप्रवाह शुरू हो जाएगा।
- जय सिंह, अधिशाषी अभियंता, सरयू नहर खंड, अयोध्या