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शहर में ठप हो गया सैनिटाइजेशन

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अयोध्या। देशभर में कोरोना की दूसरी लहर से निपटने की तैयारी हो रही है। राजस्थान व गुजरात में रात्रि का कर्फ्यू लग गया है। प्रदेश सरकार भी करोना की दूसरी लहर को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश जारी कर दिए हैं लेकिन इसका असर जनपद के सरकारी अफसरों पर बिल्कुल नहीं दिख रहा है। हालत यह है कि शहर में नगर निगम की ओर से पांच छह माह से लगातार चलने वाली सैनिटाइजेशन की व्यवस्था बंद कर दी गई है। नगर निगम में आई स्प्रिंकलर मशीन भी खराब पड़ी है। साथ ही सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि रोडवेज जैसे स्थान से कोविड हेल्प डेस्क तक हटा दिया गया है। बिना थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजेशन के यात्री बसों में चढ़ रहे हैं। अधिकांश सरकारी कार्यालयों की लगी सैनिटाजइर मशीन भी बंद या खराब पड़ी है।
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शहर में कोरोना काल की शुरूआत के साथ नगर निगम प्रशासन ने बड़ी सक्रियता दिखाई थी। लगभग 300 कर्मचारियों की खेप सैनिटाइजेशन व्यवस्था के लिए लगाई गई थी। मठ-मंदिरों, सार्वजनिक स्थलों, शहर के वार्डों व सरकारी कार्यालयों के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई थी। सभी टीमें नियमित रूप से सैनिटाइजेशन कार्य को अंजाम दे रही थी लेकिन पूर्ववत एक माह से सभी सैनिटाइजेशन संबंधी कार्य पूरी तरह से ठप हैं। हालत यह है कि सरकारी कार्यालयों के बाहर लगी हैंड सैनिटाइजेशन मशीन या तो हट गई हैं या फिर खराब पड़ी हैं। संबंधित विभाग के जिम्मेदार अफसर भी इससे मुंह मोडे़ हुए हैं।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि सभी सफाई कर्मचारी दीपोत्सव से अब तक परिक्रमा के मेले में लगे हुए हैं। इससे बहुत हद तक सफाई व सैनिटाइजेशन बंद हो गया है लेकिन यह भी सत्य है कि मोहल्ले व वार्डों में पिछले दो माह से सैनिटाइजेशन नहीं हो रहा है। नगर निगम प्रशासन ने सड़कों को सैनिटाइज करना भी बंद कर दिया है। कोरोना काल में नगर निगम की ओर से खरीदी गई छह मशीनें बंद पड़ी हैं। सेनेटाइज्ड की स्प्रिंकलर मशीन भी खराब पड़ी है। दूसरी ओर रोडवेज का बुरा हाल है। बिना थर्मल स्क्रीनिंग के लोग रोडवेज बसों में यात्रा कर रहे हैं। अयोध्या रोडवेज का हाल यह है कि यहां से यात्रियों के लिए स्थापित किया गया कोविड हेल्प डेस्क ही गायब हो चुका है। मात्र एक हैंड सैनिटाइजर मशीन लगी है। इसको भी कोई भरने वाला नहीं है। अब इन व्यवस्थाओं में कोरोना की दूसरी लहर से कैसे निपटा जाएगा, इसका कोई प्लान नहीं है।
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सीन एक-
नगर निगम कार्यालय में हैंड सैनिटाइजर मशीन नदारद
यह अयोध्या का नगर निगम कार्यालय है। इसमें दीपावली से पूर्व हैंड सैनिटाइजर मशीन हटा दी गई थी। यह मशीन अभी तक स्थापित नहीं हो पाई है। साथ ही बाहर हाथ धुलने के लिए लगी टंकी व वॉश बेसिन भी अब कार्य नहीं कर रही है। फुट सैनिटाइजर की व्यवस्था तीन माह पहले ही खत्म हो चुकी है। ऐसे में कोरोना की दूसरी लहर से कैसे निपटा जाएगा, यह पूरे नगर निगम के लिए गंभीर प्रश्न है। यह हालत तक है जब कोरोना काल में नगर निगम के कई कर्मचारी व अधिकारी संक्रमित हो गए थे।
सीन नंबर दो
कोविड हेल्प डेस्क कार्यालय के बाहर बंद है मशीन
यह सरकारी कार्यालयों के हब के रूप में जाना जाने वाला विकास भवन है। इसमें जिले का कोविड हेल्प डेस्क स्थापित है। हालत यह है कि कार्यालय के बाहर लगी हैंड सैनिटाइजर मशीन बंद पड़ी है। इसके साथ ही मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय के बाहर भी लगी हैंड सैनिटाइजर की मशीन खराब है। इसका कोई हाल पूछने वाला नहीं है जबकि इन विभागों के अधिकारियों पर जिले में संक्रमण न फैले इसकी जिम्मेदारी है। हद यह है कि यह अपने विभाग को नहीं दुरूस्त रख पा रहे हैं।
सीन तीन
रोडवेज से गायब हुई कोविड हेल्प डेस्क
देश में अनलॉक की प्रक्रिया के दौरान रोडवेज बसें सशर्त चलाने की अनुमति मिली थी लेकिन इन शर्तों का पालन अब दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। अयोध्या रोडवेज की हालत यह है कि यहां से यात्रियों के लिए बना कोविड हेल्प डेस्क गायब हो गया है। बिना थर्मल स्क्रीनिंग के लोग बसों में यात्रा कर रहे हैं। पूरे रोडवेज परिसर में यात्री पूछताछ केंद्र के पास मात्र एक हैंड सैनिटाइजर मशीन लगी है। इसका भी प्रयोग बहुत कम यात्री कर रहे हैं।
लोग बोले-यह जिम्मेदारी का अभाव
अयोध्या से लखनऊ की यात्रा करने वाले मो. साबिर बताते हैं कि यह रोडेवज के अफसरों की लापरवाही व जिम्मेदारी का अभाव है। जब तक कोरोना खत्म नहीं हो जाता तब तक पूरी सावधानी व सजगता के साथ रोडवेज प्रशासन को काम करना चाहिए। लखनऊ से बस्ती की यात्रा कर रहे अरविंद चतुर्वेदी बताते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर की आशंका बनी हुई है लेकिन सभी की लापरवाही बड़े संकट काल की ओर मोड़ सकती है। नगरवासी आकाश यादव बताते हैं कि पिछले दो माह से नगर निगम की मोहल्ले वाइज सैनिटाइजेशन व्यवस्था ठप है। अशहर के बेनीगंज निवासी इमरान बताते हैं कि अब नगर निगम की ओर सड़कों को सैनिटाइज्ड नहीं किया जा रहा है जबकि कोरोना की दूसरी लहर आने की आशंका बनी हुई है।
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