सरयू तट-समय-6:31 सुबह
सरयू घाटों पर दिखे नाममात्र के श्रद्घालु
फोटो-01
परिक्रमा मेले में लाखों श्रद्घालुओं की भीड़ से पटा रहने वाला सरयू घाट पर नाम मात्र के श्रद्घालु नजर आए। सोमवार को भोर में जो श्रद्घालु परिक्रमा पूरी करते रहे वे सरयू स्नान को भी पहुंच रहे थे। कार्तिक मेले में सरयू के घाट श्रद्घालुओं से खचाखच भरे रहते थे लेकिन इस बार कोरोना के कारण नजारा कुछ अलग था। स्थानीय दुकानदार ब्रह्मा कुशवाहा ने बताया कि इस बार बहुत ही कम संख्या में श्रद्घालु नजर आए, कारोबार भी प्रभावित रहा।
सीन-2
अयोध्या-समय-6:40 सुबह
बैरियरों पर बाहरी भक्तों को रोका गया
फोटो-14,18,19,23,27,38
चौदहकोसी परिक्रमा मेले में प्रशासन ने पहले ही बाहरी भक्तों के अयोध्या आगमन पर रोक लगा दी थी। सोमवार को परिक्रमा मेले के दिन भी बाहरी भक्तों को पुलिस रोककर वापस करती नजर आई। नयाघाट बैरियर, सहादतगंज बैरियर, उदया बैरियर सहित अन्य बैरियरों पर पुलिस ने श्रद्घालुओं की आईडी चेक किया कई बाहरी श्रद्घालुओं को लौटा दिया गया। यहां तक कि पुलिसकर्मियों की भी आईडी चेेक की गयी।
सीन-3
नाका-समय-6:40 सुबह
जय श्रीराम के उद्घोष के साथ शुरू की परिक्रमा
फोटो-40,41
14 कोसी परिक्रमा के मुहूर्त से पूर्व ही जयश्रीराम के जयकारे के साथ भक्तों ने परिक्रमा शुरु कर दी। नाका हनुमानगढ़ी से बड़ी संख्या में भक्तों ने परिक्रमा का आगाज किया। नाका हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ जुटी रही। फैजाबाद शहर के पंकज, मनोज और रानोपाली के उदयनारायण तिवारी चौथी बार आस्था के इस पथ का साक्षी बनने उतरे। कहा कि परिक्रमा से उन्हें जो सुख मिलता है, वह कहीं और नहीं मिलता।
सीन-4
सरयू तट-समय-6:50 सुबह
हरिकीर्तन में मगन दिखे साधु-संत व भक्त
फोटो-21,22
चौदहकोसी परिक्रमा में सैकड़ों की संख्या में साधु-संत भी परिक्रमा करते नजर आए। जय श्रीराम..सीता राम, सीताराम.. का जाप करते साधु-संत एवं भक्त परिक्रमा पथ पर आगे बढ़ते रहे। परिक्रमा करने के लिए युवा तो दिखे ही बुजुर्ग भी कम नहीं थे। जानकी घाट के संत आनंद दास बोले कि कोरोना हमारी आध्यात्मिक परंपरा को थोड़े न ही प्रभावित कर सकता है, प्रभु की कृपा से जल्द ही महामारी खत्म होगी, हमने यह कामना भी की है।
अयोध्या। चौदहकोसी परिक्रमा मेले में कोरोना महामारी पर श्रद्घालुओं की आस्था भारी दिखी। हजारों भक्तों ने रामनगरी की सदियों की परंपरा का निवर्हन पूरे जिम्मेदारी से किया। हालांकि इस बार कोरोना की गॉइडलाइन के चलते बाहरी श्रद्घालु परिक्रमा में शामिल नहीं हो सके। इसका असर रहा कि जहां चौदह कोसी परिक्रमा में 15 से 20 लाख श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ती थी, वहीं इस बार यह संख्या एक लाख भी पार न कर सकी। फिर भी कोरोना की गॉइडलाइन का पालन करते हुए पूरे उत्साह के साथ भक्त परिक्रमा करते दिखे।
राममंदिर निर्माण शुरू होने के बाद इस बार यह उम्मीद की जा रही थी कि बड़ी संख्या में भक्त अयोध्या के कार्तिक परिक्रमा मेले में उमड़ेंगे। इस बीच प्रशासन ने कोरोना को देखते हुए कार्तिक मेले में बाहरी श्रद्घालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी। 20 नवंबर से ही अयोध्या में बाहरी भक्तों का प्रवेश रोक दिया गया। चौदहकोसी परिक्रमा के दिन तक पुलिस बैरियरों पर आईडी चेक करती दिखी। बावजूद इसके चौदहकोसी परिक्रमा के शुभ मुहूर्त रात 1:56 बजे से पहले ही श्रद्घालुओं ने परिक्रमा का शुभारंभ कर दिया जो कि सोमवार की देर शाम तक चलती रही।
अयोध्या, दर्शननगर भीखापुर, देवकाली, जनौरा, नाका हनुमानगढ़ी, मोदहा, सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर, सआदतगंज, अफीम कोठी आदि स्थानों से श्रद्धालुओं ने पूरे भक्ति की रौं में परिक्रमा करनी शुरू कर दी। जय श्रीराम के उद्घोष व सीताराम नाम की धुन के बीच परिक्रमार्थी परिक्रमा पथ को नापते नजर आए। महिला, पुरूष, बच्चे, वृद्घ भी पुण्यार्जन करते दिखे तो साधु-संतों की टोली हरिकीर्तन करती परिक्रमा पथ पर आगे बढ़ती रही। इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा श्रद्घालुओं को कोरोना गाइडलाइन के अनुपालन की नसीहत भी दी जाती रही। पुलिस श्रद्घालुओं से मॉस्क लगाकर व निश्चित दूरी का पालन कर परिक्रमा करने की अपील करती दिखी।
इस बीच श्रद्घालुओं ने भी पूरी जिम्मेदारी का परिचय दिया जिसका परिणाम रहा कि कोरोना पर आस्था भारी नजर आई। श्रद्घालु मॉस्क लगाकर परिक्रमा करते नजर आए। परिक्रमा पथ पर मिले शरद पाठक, हर्ष पाठक, आदित्य तिवारी बोले कि कोरोना तो समस्या है ही, लेकिन परिक्रमा हमारी पौराणिक परंपरा है। अयोध्या की आध्यात्मिक समृद्घि का आधार भी परिक्रमा है, ऐसे में हमने कोरोना की गॉइडलाइन का पालन करते हुए परिक्रमा करने का निर्णय लिया है।
श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जगह-जगह जगह-जगह सेवा शिविर भी लगे हुए थे। जलपान से लेकर चिकित्सा के पूरे इंतजाम परिक्रमा पथ पर खूब दिखे। आस्था के पथ पर चल रहे श्रद्धालुओं की सेवा करने के लिए भी हजारों हाथ उठे हुए मिले। दर्द निरोधक दवाएं और मलहम हाथों में लिए सेवा शिविरों में लोग खड़े थे। कोरोना को देखते हुए कोविड-हेल्प डेस्क की भी स्थापना की गई थी।
पचास हजार श्रद्घालुओं ने ही की परिक्रमा
कोरोना के चलते इस बार चौदहकोसी परिक्रमा में एक नया रिकॉर्ड भी बना। वर्षों बाद यह अवसर रहा जब चौदहकोसी परिक्रमा में एक लाख से भी कम श्रद्घालुओं ने परिक्रमा की हो। अयोध्या के कार्तिक परिक्रमा मेले में हर वर्ष 15 से 20 लाख श्रद्घालु परिक्रमा करते हैं, लेकिन कोरोना के कारण इस बार परिक्रमार्थियों की संख्या बहुत ही कम रही। खुफिया एजेंसियों व प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक बमुश्किल 50 से 60 हजार भक्त ही परिक्रमा कर सके। परिक्रमा पूरी करने के बाद श्रद्घालुओं ने रामनगरी के विभिन्न मंदिरों हनुमानगढ़ी, कनकभवन, रामलला व आदि में दर्शन-पूजन भी किया।