अयोध्या। विगत दो वर्षों से यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटर मीडिएट में घट रही छात्रसंख्या में इस बार इजाफा हुआ है। इस बार दसवीं व बारहवीं के एग्जाम में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या 84901 हो गई है। इनमें 1196 व्यक्तिगत व शेष संस्थागत छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग के 24 राजकीय, 50 सहायता प्राप्त विद्यालयों सहित 469 विद्यालय संचालित हैं। यहां बीते 2017 तक सिर्फ दसवीं व बारहवीं के करीब एक लाख के ऊपर विद्यार्थी पंजीकृत रहते थे। सुदूर ग्रामीण इलाकों में संचालित तमाम वित्तविहीन विद्यालयों में लोग नकल के चक्कर में दाखिला करवाते थे और स्कूल प्रबंधनों से सांठगांठ करके उत्तीर्ण भी हो जाते थे। इस खेल में प्रतिवर्ष स्कूल प्रबंधकों को खासा मुनाफा होता था। इधर, योगी सरकार पर इस व्यवस्था पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया तो लोगों की शिक्षा के नाम पर चलने वाली दुकानें बंद हो गईं।
डिप्टी सीएम व माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ दिनेश शर्मा के निर्देश पर सरकार के प्रथम वर्ष से ही नकलविहीन परीक्षा कराने का एजेंडा बनाया गया। जिसके तहत केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया ऑनलाइन की गई। साथ ही स्कूलों में सीसीटीवी, वायस रिकार्डर सहित अन्य इंतजाम किए गए। जिसका नतीजा रहा कि स्कूलों से सिर्फ कोरे कागज पर डिग्री लेने के लिए दाखिला कराने वाले लोग किनारे होने लगे। 2018 में छात्रसंख्या 1,01,600 से घटकर 91,125 पर पहुंच गई। 2019 में सरकार ने और सख्ती करते हुए सिस्टम को और हाइटेक व सख्त बनाया तो संख्या 83,443 हो गई। बीते वर्ष से तो सभी केंद्रों को ऑनलाइन कर दिया गया है, जिसकी निगरानी कंट्रोल रूम से की जाती है।
इसी सख्ती का असर है कि अब पढ़कर अच्छे अंक हासिल करने की परिपाटी चलन में आती नजर आ रही है। इस बार संस्थागत एवं व्यक्तिगत दोनों परीक्षार्थियों की संख्या में इजाफा हुआ है। गतवर्ष हाईस्कूल व इंटर में संस्थागत छात्रों की संख्या क्रमश: 45269 व 36940 एवं व्यक्तिगत छात्रों की संख्या क्रमश: 246 व 869 थी। इस बार हाईस्कूल व इंटर में संस्थागत परीक्षार्थी क्रमश: 45080 एवं 38625 हैं। जबकि व्यक्तिगत परीक्षार्थी 239 एवं 957 है।
गत वर्षों की छात्र संख्या
वर्ष/छात्रसंख्या
2017/1,01,600
2018/91,125
2019/83,443
2020/84901
लोगों में नकल करके उत्तीर्ण होने की उम्मीद अब खत्म हो चुकी है। मेहनत से पढ़ने वाले बच्चे ही दाखिले के लिए आगे आ रहे हैं। इसका नतीजा है कि इस बार छात्र संख्या में गतवर्ष की अपेक्षा इजाफा हुआ है। अभी केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
- आरबी सिंह चौहान, जिला विद्यालय निरीक्षक, अयोध्या