अयोध्या। रामायण के रचयिता और विश्व के आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह इस वर्ष भव्यता पूर्वक पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा। संस्कृति विभाग वाल्मीकि रामायण के मानवीय मूल्यों के व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा। इसके तहत भगवान श्रीराम, श्री हनुमान और रामायण से जुड़े मंदिरों, स्थलों का चयन कर रामायण पाठ व भजन कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसी क्रम में रामनगरी के 23 मंदिरों पर वाल्मीकि जयंती समारोह के क्रम में रामायण पाठ, दीपदान एवं भजन संध्या आयोजित की जाएगी।
संस्कृति विभाग के संयुक्त निदेशक व अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि महर्षि वाल्मीकि सामाजिक, मानव और राष्ट्र मूल्यों की स्थापना के आदर्श हैं। इस वर्ष वाल्मीकि जयंती 31 अक्तूबर को भव्यता से मनाने की तैयारी है। जनमानस को जोड़ने के लिए महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थलों और मंदिरों पर दीप प्रज्जवलन व दीपदान के साथ लगातार 8, 12 या 24 घंटे का वाल्मीकि लिखित रामायण का पाठ का आयोजन किया जाएगा।
अयोध्या शोध संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी रामतीरथ ने बताया कि श्रीरामजन्मभूमि, हनुमानगढ़ी, कनकभवन, दशरथ महल, मतगजेंद्र नाथ, बिड़ला मंदिर, बाल्मीकि भवन, सरयू आरती स्थल नयाघाट, जानकी महल, हनुमान बाग, दिगंबर अखाड़ा, तपस्वी जी की छावनी, बड़ा भक्तमाल, मणि पर्वत, यज्ञवेदी सीताकुंड, अशर्फी भवन, झुनकीघाट, बड़ी देवकाली, नयापुरवा बाल्मीकि मंदिर कैंट, गुप्तारघाट, भरत हनुमान मिलन मंदिर भरतकुंड, राम जानकी मंदिर भरतकुंड, ढेमवाघाट सोहावल पर वाल्मीकि जयंती का उत्सव मनाया जाएगा। प्रत्येक मंदिरों पर रामायण पाठ, दीपदान, एवं भजन संध्या का कार्यक्रम होगा।