अयोध्या। रूढ़िवादिता को खत्म करबेटा और बेटी में भेद-भाव बंद करना होगा। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए शैक्षिक पाठ्यक्रमों में स्किल डेवलपमेंट पर जोर देना होगा। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेगी।
उक्त वक्तव्य संस्कृति विश्वविद्यालय, मथुरा की निदेशक प्रो. दिव्या तनवर ने डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के वीमेन ग्रिवेंस एंड वेलफेयर सेल द्वारा आयोजित मिशन शक्ति अभियान में पांचवें दिन मुख्य वक्ता के रूप में कही।
उन्होंने कहा कि महिलाओं अपने को सशक्त बनाकर आने वाली पीढ़ी के लिए मिसाल बन सकती है। महिला सशक्तीकरण का पहला कदम है शिक्षा। इसलिए महिलाओं का शिक्षित होना बहुत जरूरी है। शिक्षित होने से सरकार की योजनाओं से भी जागरूक हो सकेगी। कार्यक्रम में वीमेन ग्रिवेंस एंड वेलफेयर सेल की समन्वयक प्रो. तुहिना वर्मा ने बताया मिशन शक्ति अभियान तहत आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके सम्मान व सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। समय पर प्रशिक्षण भी दिलाया जायेगा।
इसके माध्यम से वे सशक्त बन सकेगी। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज में अपना सशक्त स्थान बनाये। तभी हम सशक्त राष्ट्र की संकल्पना साकार कर पायेंगे। वेबिनार में महिला शीर्षक विषय पर कविता पाठ आयोजन हुआ। इसमें महिलाओं एवं बालिकाओं से प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन वीमेन ग्रिवेंस एंड वेलफेयर सेल की सदस्य डॉ. सरिता द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव उमानाथ, सेल की सह समन्वयक डॉ. सिंधु सिंह, डॉ. महिमा चौरसिया, इंजीनियर मनीषा यादव सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी ऑनलाइन जुड़े रहे।