गोसाईगंज। विश्व एवं नगर के कल्याण के लिए तमसा तट के सत्संग घाट पर चल रहे रुद्र महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने शंकर-पार्वती का पूजन किया। इसके साथ ही कोरोना को हराने के लिए रुद्र महायज्ञ के हवन में आहुतियां दीं। शाम को रामकथा भी सुनाई गई। 11 अक्तूबर को रुद्र महायज्ञ का समापन होगा।
रुद्र महायज्ञ का आयोजन वर्ष 1990 से स्व. शिव कुमार जायसवाल व स्व. लक्ष्मी प्रसाद वोकई कल्लू कसौधन की अध्यक्षता में महंत बाबा गंगा गिरी के सान्निध्य में शुरू हुआ, जो अनवरत जारी है। रुद्र महायज्ञ में प्रतिदिन सुबह शंकर-पार्वती के पूजन व हवन का आयोजन होता है। शाम को रामकथा पर चर्चा होती है जिसमें नगर सहित आसपास के लोग काफी संख्या में जुटते हैं।
आरती पूजन के बाद श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। रुद्र महायज्ञ में विशेष तौर पर कोरोना को हराने को आहुति दी जा रही है। पंडित रामनारायण ने बताया कि यह संजोग 120 वर्षों के बाद हो रहा है जो महालय के बाद शारदीय नवरात्र पड़ रहा है। प्रदीप जायसवाल ने बताया कि रुद्र महायज्ञ के समापन पर पूरे नगर में प्रसाद वितरित कराया जाएगा। भंडारे में भारी संख्या में संत-विद्वान शामिल होंगे।
कार्यक्रम में नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्रीनाथ गुप्ता, नगर पंचायत अध्यक्ष रमेश चंद पप्पू, गोपीनाथन, संजय मोदनवाल, कन्हैयालाल, गिरजा शंकर पांडे व हेमंत कसौधन आदि उपस्थित रहे।