अयोध्या। श्रीराम एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजे का विरोध कर रहे किसान और जिला प्रशासन आमने-सामने नजर आ रहे हैं। सोमवार को सपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय के साथ मौजूद किसानों ने जिला प्रशासन पर उत्पीड़न करने व सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए धमकाने का आरोप लगाया।
पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने कहा कि इस सरकार में प्रशासनिक अधिकारी किसानों को धमका रहे हैं। होमगार्ड विभाग में कार्यरत किसानों को अफसर निलंबित करने व मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं।
कुछ लोगों से जबरदस्ती सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी कराया गया है। कुट्टिया गांव के लोगों को भी एसडीएम सदर ने धमकाया है। जिला प्रशासन द्वारा किसानों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव करना निंदनीय है। एक ही प्रयोजन में किए जा रहे अधिग्रहण में किसानों को समान मुआवजा मिलना चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में करीब सवा वर्ष का समय शेष है। इस बीच दो बार आचार संहिता भी लगना है। यदि सरकार बदल गई तो किसानों पर मुकदमा लिखाने वाले इन अफसरों पर भी मुकदमा लिखा जा सकता है। किसानों की लड़ाई अंत तक लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि ये नकली गोरक्षकों की सरकार है। सिर्फ बैसिंह गौशाला में अब तक करीब 50 गायों की मौत हो चुकी है। गोशालाएं लूट का अड्डा बन चुकी हैं।
धर्मपुर के किसान रामलौट तिवारी ने कहा कि घरवालों को समझाकर विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट दिया था, लेकिन ऐसा अन्याय होगा, हमें मालूम नहीं था। कहा कि गांव के होमगार्ड व राजस्व विभाग में नौकरी करने वाले लोगों को अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। हम लोग चोर, बदमाश घोषित किए जा रहे हैं। कहा कि इसी तरह अन्याय होता रहा तो भाजपा को कभी वोट नहीं देंगे।
पेड़, घर, जानवर, खेती सब चली जा रही है, इतने कम मुआवजे में हम स्थापित नहीं हो पाएंगे। इस दौरान किसान सुभाष तिवारी, विशेषर तिवारी, राजेंद्र तिवारी, दिलीप तिवारी, विजय यादव सहित अन्य किसान आदि मौजूद रहे।