मिल्कीपुर। मिल्कीपुर तहसील परिसर स्थित अधिवक्ता सेड में वकील से मिलने आए वादकारी को एसडीएम ने मास्क न लगाने के जुर्म में पहले थप्पड़ जड़े, फिर उसका चालान कटा दिया। एसडीएम की करतूतों से आहत मिल्कीपुर के वकील पीड़ित वादकारी को लेकर इनायतनगर थाने पहुंचे और तहरीर देकर एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की गुहार की।
पुलिस से न्याय न मिलते देख वकीलों ने फरियादी को साथ लेकर फैजाबाद-रायबरेली रोड जाम कर दिया और नारेबाजी करते हुए एसडीएम के खिलाफ केस दर्ज कराने की जिद पर अड़ गए। मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में पहुंचते ही उनके निर्देश पर अपर जिला अधिकारी संतोष सिंह मौके पर पहुंचे और एसडीएम के खिलाफ नाराज एवं आंदोलित अधिवक्ताओं को समझाकर शांत कराया।
तब जाकर लगभग दो घंटे बाद यातायात बहाल हो सका। एडीएम प्रशासन की मौजूदगी में हुई वार्ता के बाद भी बार और बेंच के बीच टकराव दूर नहीं हो सका। एसडीएम की कार्यशैली से नाराज अधिवक्ताओं ने ऐलान कर दिया कि अब उनका आंदोलन एसडीएम के हटने सहित अन्य मांगों के पूरे होने तक जारी रहेगा।
मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत बसवार खुर्द गांव निवासी युवक बरकत अली सोमवार को मिल्कीपुर तहसील आया था। उसने गमछा और रुमाल हाथ में ले रखा था। युवा वादकारी बरकत अली अधिवक्ता सेड स्थित बार एसोसिएशन के मंत्री गंगा प्रसाद द्विवेदी के तख्त पर बैठा उनका इंतजार कर रहा था। इसी बीच एसडीएम मिल्कीपुर तहसील परिसर स्थित अपने आवास से सीसी मार्ग होते हुए पैदल ही कार्यालय की तरफ जा रहे थे।
उन्होंने युवक बरकत अली को बुलाया और मास्क क्यों नहीं लगाए हो का सवाल किया जब तक वह कुछ बोल पाता तब तक एसडीएम आपा खो बैठे और उन्होंने युवक बरकत अली को कई थप्पड़ जड़ दिए। इससे भी जी नहीं भरा तो गुस्साए एसडीएम अशोक कुमार शर्मा ने युवक का चालान मास्क न लगाने के जुर्म में कटा दिया और उस पर पांच सौ रुपये का जुर्माना भी ठोक दिया।
यह सब नजारा तहसील पहुंचे अधिवक्ता देख रहे थे जो अधिवक्ताओं को नागवार लगा और वकीलों ने एसडीएम की इस कार्यशैली की जमकर निंदा की। आक्रोशित अधिवक्ता वकील संगठन के तहसील अध्यक्ष पवन कुमार शुक्ला के नेतृत्व में पीड़ित फरियादी को लेकर इनायतनगर थाने पहुंचे और मामले में बेअंदाज और बेलगाम एसडीएम अशोक कुमार शर्मा के विरुद्ध प्राथमिकी कायम किए जाने की तहरीर दी। जिस पर प्रभारी निरीक्षक इनायतनगर विजय सेन सिंह ने मजिस्ट्रेट के खिलाफ मुकदमा कायम किए जाने से हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को शांत कराते हुए बताया कि जब तक जिलाधिकारी की ओर से उन्हें आदेश नहीं मिलेगा।
मजिस्ट्रेट के खिलाफ प्राथमिकी कायम किए जाने को वह स्वतंत्र रूप से अधिकृत नहीं है। मुकदमा दर्ज न होता देख अधिवक्ता आक्रोशित हो गए और पीड़ित बरकत अली को साथ लेकर थाना परिसर से बाहर आकर फैजाबाद-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। देखते ही देखते वकीलों का धरना स्थल छावनी में तब्दील हो गया और प्रशासन ने आननफानन में मिल्कीपुर सर्किल के कुमारगंज इनायतनगर और खंडासा थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी। लगभग दो घंटे तक अधिवक्ता एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग करते रहे। दो घंटे बाद अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष कुमार सिंहए क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर जयप्रकाश सिंह भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने नाराज अधिवक्ताओं को शांत कराया तथा वार्ता के लिए अपने साथ ही लेकर तहसील परिसर चले गए।
अधिवक्ता संघ अध्यक्ष पवन कुमार शुक्ला ने वार्ता के दौरान मांग की कि सबसे पहले एसडीएम अशोक कुमार शर्मा के खिलाफ मुकदमा लिखाया जाए। उसके उपरांत उनका तहसील से स्थानांतरण किया जाए। उन्होंने तहसील कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के लिए उपजिलाधिकारी को जिम्मेदार ठहराते हुए तहसील के विभिन्न पटलों यहां तक कि एसडीएम के गोपनीय कार्यालय में स्टेनो का काम कर रहे अमित श्रीवास्तव सहित अन्य प्राइवेट कर्मियों को तत्काल हटाया जाए। लगभग 2 घंटे एडीएम प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच चली वार्ता का परिणाम शून्य रहा। अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष सिंह ने बताया कि अधिवक्ताओं से मांगों का एक मांग पत्र लिखित रूप में मांगा गया है।
उसके अनुरुप जिलाधिकारी को अवगत कराया जाएगा। कोशिश की जाएगी कि बार और बेंच के बीच टकराव की नौबत न आए। तहसील के न्यायिक कार्यो में अधिवक्ता सहयोग करें। वहीं दूसरी ओर अधिवक्ता संघ अध्यक्ष पवन कुमार शुक्ला का कहना है कि जब तक उनकी मांगों के अनुरूप कार्यवाही नहीं हो जाएगी। अधिवक्ता अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। यही नहीं मंगलवार से एसडीएम अशोक कुमार शर्मा को न्यायालय से लेकर कार्यालय कक्ष तक में बैठने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब हमारा आंदोलन एसडीएम के ट्रांसफर एवं उनके विरुद्ध मुकदमा कायम किए जाने सहित तहसील के विभिन्न पदों पर तैनात प्राइवेट कर्मियों के हटने तक जारी रहेगा।