अयोध्या। अयोध्या-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर संचालित अयोध्या धाम बस स्टेशन के औचित्य पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। 15 करोड़ की लागत से बना यह बस अड्डा यात्रियों के लिए बेकार साबित हो रहा है।
कारण यह है कि इस स्टेशन पर एक लेन से ही बसों का आगमन व निकासी संभव होती है। हाईवे पर कट न होने से दूसरे लेन से न तो बस आ सकती है और न ही जा सकती है। साथ ही यह यात्रियों की पहुंच से भी दूर है।
यहां तक आने के लिए यात्रियों के लिए आवागमन की भी सुविधा न के बराबर है। यह हाल तब है जब यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में अहम था। कुल मिलाकर अयोध्या धाम बस स्टेशन यात्रियों के लिए अनुपयोगी साबित हो रहा है।
हाईवे से सटे अयोध्या धाम बस स्टेशन का संचालन शुरू हुए करीब एक वर्ष का समय बीत चुका है। यहां गोरखपुर-लखनऊ की बसें तो स्टेशन पर पहुंच जाती हैं।
उनकी इंट्री भी होती है, लेकिन हाईवे पर कट न होने से लखनऊ, सुल्तानपुर, बाराबंकी आदि जिलों से आने वाली बसों का आवागमन इस स्टेशन पर नहीं हो पाता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है।
लगभग पांच एकड़ में बना यह बस स्टेशन आज भी लोगों की पहुंच से दूर है। बस स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों के पास अपने निजी वाहन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
जबकि पर्यटक और यात्रियों को रामनगरी से जोड़ने के लिए इस बस स्टेशन की योजना बनी थी। हालांकि यह संभव नहीं हो पा रहा है, क्योंकि यदि कोई पर्यटक व यात्री बस स्टेशन पर उतरता है तो अयोध्या तक जाने के लिए कोई सवारी-साधन की सुविधा भी यहां नहीं है।
हाईवे पर हमेशा बड़े वाहन फर्राटा भरते नजर आते हैं। ऐसे में जरा सी चूक होने पर बड़ी दुर्घटना की संभावना भी प्रबल हो जाती है। अभी यात्री साकेत पेट्रोल पंप के पास से बस पकड़ते हैं, यहां से प्राइवेट वाहन भी यात्रियों को बिठाते हैं और मनमाना किराया भी वसूलते हैं।
पेशे से चिकित्सक डॉ.आनंद उपाध्याय कहते हैं कि इस बस स्टेशन का निर्माण यात्रियों को रामनगरी से जोड़ने के लिए हुआ था, लेकिन यह अनुपयोगी साबित हो रहा है। बस स्टेशन जाने के लिए कोई सवारी-साधन की सुविधा नहीं है। इसके बेहतर संचालन के प्रयास होने चाहिए।
समाजसेवी गोपालजी दूबे कहते हैं कि बस से यहां उतरने पर अयोध्या में प्रवेश करने के लिए करीब दो किलोमीटर जाना पड़ता है, कोई सवारी-साधन नहीं मिलता। कई बार असुरक्षा की भी स्थिति बनी रहती है। अयोध्या धाम बस स्टेशन यात्रियों-पर्यटकों के लिए अनुपयोगी है।
सीमेंट व्यवसायी संजय मिश्रा कहते हैं कि उन्हें अक्सर व्यवसाय के सिलसिले में बाहर जाना पड़ता है। अयोध्याधाम बस स्टेशन से बस पकड़ना मुश्किल होता है। जब तक हाईवे पर कट नहीं होगा तब तक लखनऊ, सुल्तानपुर आदि जिलों की बसें स्टेशन तक नहीं पहुंच पाएंगी।
हाईवे के दूसरे लेन से बसों के आवागमन को लेकर मध्य सड़क पर बने डिवाइडर से कट बनवाने की मांग भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक से पत्र लिखकर की गई है। कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन हर बार मना हो जाता है। अब कभी भविष्य में बंधा बनेगा तो कोई व्यवस्था होगी। अभी तो कुछ कहना मुश्किल है। हालांकि बस स्टेशन का संचालन हो रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में बसे आती हैं।- एसपी सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज